किर्गीस्तान में दंगे जारी, 80 लोग मारे गए

उज़्बेक
Image caption पिछले कुछ दिनों में हज़ारों उज़्बेक समुदाय के लोग अपना घर-बार छोड़ चुके हैं.

किर्गिस्तान की अंतरिम सरकार ने देश के दूसरे बड़े शहर ओश में चल रही नस्ली हिंसा में दंगाईयों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए हैं. किर्गिज़ और उज़्बेक लोगों के बीच यहां भीषण दंगे चल रहे हैं जिसमें अब तक 80 लोग मारे जा चुके हैं और सैकड़ों घायल हैं.

हज़ारों उज़्बेक लोग ओश शहर को छोड़कर पड़ोसी देश उज़्बेकिस्तान की सीमा की ओर कूच कर रहे हैं.

अप्रैल में किर्गिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति कुमरानबेक बाकिएव के सत्ता से हटाए जाने के बाद देश में ये सबसे भीषण दंगे हो रहे हैं.

इससे पहले किर्गिस्तान की अतंरिम सरकार ने हिंसा रोकने में रुस की सहायता मांगी थी लेकिन रुस ने कहा है कि फिलहाल उनका अपनी सेना किर्गिस्तान भेजना की कोई योजना नहीं है.

ग़ौरतलब है कि किर्गिस्तान में रुस और अमरीका के सैनिक अड्डे हैं.

इसी बीच ख़बर आई है कि किर्गिस्तान के दूसरे शहर जलालाबाद में भी कर्फ़्यू लगा दिया गया है.

किर्गिज़-उज़्बेक तनाव

Image caption रुस ने कहा है कि उसकी किर्गिस्तान में सेना भेजने की फिलहाल कोई योजना नहीं है.

किर्गिस्तान में क़रीब 70 प्रतिशत आबादी किर्गिज़ लोगों की है जबकि उज़्बेक लोगों की देश की जनसंख्या में हिस्सेदारी लगभग 15 प्रतिशत है.

ओश इस देश का दूसरा सबसे बड़ा शहर है और वहां उज़्बेक समुदाय के लोग काफ़ी तादाद में रहते हैं.

ओश में किर्गिज़ और उज़्बेक लोगों में ज़मीन-जायदाद को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है.

वर्ष 1990 में भी इन दोनों समुदायों में हुए ख़ूनी संघर्ष में सैकड़ों लोग मारे गए थे.