मंदी के लिए अमरीका ज़िम्मेदार: चावेज़

ह्यूगो शावेज़

वेनेजुएला के राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज़ अपनी समाजवादी और ग़ैर साम्राज्यवादी विचारधारा में नयी जान फूंकना चाहते हैं. उनका दावा है कि पूँजीवाद दुनिया को नष्ट कर रहा है.

बीबीसी के कार्यक्रम हार्ड टॉक में एक घंटे के इंटरव्यू के दौरान चावेज़ ने वेनेजुएला की आर्थिक मंदी के लिए अमरीका की ग़ैर ज़िम्मेदाराना आर्थिक नीतियों को ज़िम्मेदार ठहराया.

ह्यूगो चावेज़ ने लातिनी अमरीका के प्रति अमरीकी राष्ट्रपति के 'बहुत ही नकारात्मक संकेत' पर अपनी निराशा जताई.

चावेज़ ने कहा कि राष्ट्रपति पद की शपथ लेते ही ओबामा ने कोलंबिया में सात सैन्य अड्डे बनाने का फ़ैसला किया जो कि एक बहुत ही नकारात्मक संकेत है.

कोलंबिया ने अमरीका के साथ एक क़रार किया है जिसके मुताबिक़ नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने और विद्रोहियों से संघर्ष करने के लिए अमरीकी कोलंबिया के सात सैन्य अड्डों का इस्तेमाल कर पाएगा.

इस क़रार से कोलंबिया के कुछ पड़ोसी देश जिसमें वेनेज़ुएला भी शामिल है, ख़ासे चिंतित हैं.

इन देशों को अपने क्षेत्र में अमरीका की बढ़ती उपस्थिति से परेशानी है और ये देश इस पर ऐतराज़ भी जताते हैं.

ह्यूगो चावेज़ ने कहा,"मैं चाहता हूँ कि ओबामा अमरीका पर अपना ध्यान केंद्रित करेंगे और वो अपने देश के साम्राज्यवादी झूठे दावों को त्याग देंगे."

हालाँकि जोर्ज बुश के बारे में जैसा कि चावेज़ ने पहले 'शैतान' और 'आतंकवादी' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था, वैसा कुछ उन्होंने ओबामा के बारे में नहीं कहा है.

लेकिन चावेज़ ने ये दर्शाया कि अमरीका के शिखर सम्मलेन में पिछले साथ जिस गर्मजोशी से उन्होंने ओबामा के साथ हाथ मिलाया था, उससे उन दोनों देशों के बीच के मूल मतभेद दूर नहीं हुए हैं.

'पूंजीवाद ज़िम्मेदार'

बीबीसी के बहुचर्चित कार्यक्रम हार्ड टॉक में ह्यूगो चावेज़ ने अपने देश की आर्थिक बदहाली के लिए पूरी तरह से अमरीका के पूँजीवाद को ज़िम्मेदार ठहराया और कहा कि यह दुनिया को नरक के रास्ते ले जा रहा है.

उनका कहना था,"मुझे लगता है कि इंग्लैंड और स्पेन में और पूरे यूरोप में ही ज्यादा समस्या है. ये विनाशकारी है. अमरीका को हमसे ज्यादा समस्याएं हैं. उदाहरण के लिए पिछले छह वर्षों में हमारी आर्थिक बढ़ोत्तरी की दर 7.8 प्रतिशत रही है. बेरोज़गारी आधे से कम हो गई है और ग़रीबी 25 प्रतिशत से घट कर मात्र पाँच प्रतिशत पर आ गई है."

जब चावेज़ से ये कहा गया कि उनका देश तो आर्थिक मंदी के दौर से गुज़र रहा है तो उनकी प्रतिक्रिया थी कि ये सब तो पूँजीवाद की देन है.

उनका कहना था," वैश्विक पूँजीवाद का शुक्रिया अदा कीजिए. ये सब अंतरराष्ट्रीय बैंकों में व्याप्त पूँजीवाद की देन है. इससे हम सभी को झटका लगा. हमारी आर्थिक व्यवस्था अब भी कच्चे तेल पर निर्भर है और उसके दाम में पिछले साल काफ़ी गिरावट आई. हम उससे प्रभावित कैसे नहीं होते? लेकिन हम बढ़ते रहेंगे. हालाँकि इसका कोई लेना देना उस पूँजीवाद से नहीं है जो दुनिया को बरबाद कर देता है."

चावेज़ ने कहा कि दुनिया को बचाने का एक मात्र तरीका समाजवाद है, लेकिन वो समाजवाद जो प्रजातंत्र के भीतर निहित हो जहाँ तानाशाही के लिए कोई जगह नहीं हो.

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