इस्लाम के प्रचारक के ब्रिटेन में प्रवेश पर रोक

Image caption डॉक्टर नाईक लंदन और शेफ़ील्ड में इस्लाम पर व्याख्यान देने वाले थे

इस्लाम धर्म के भारतीय प्रचारक डॉक्टर ज़ाकिर नाईक के ब्रिटेन में प्रवेश पर रोक लगाई गई है, ब्रितानी गृह मंत्री का कहना है कि ऐसा उनके "अस्वीकार्य व्यवहार" की वजह से किया जा रहा है.

डॉक्टर ज़ाकिर नाईक लंदन और शेफ़ील्ड में इस्लाम धर्म पर व्याख्यान देने के लिए ब्रिटेन आने वाले थे.

मुंबई में रहने वाले 44 वर्षीय नाईक टेलीविज़न पर अपने भाषणों की वजह से चर्चित रहे हैं.

बीबीसी हिंदी से बातचीत में डॉक्टर ज़ाकिर नाइक ने कहा है कि वो ब्रिटेन सरकार के कारणों से सहमत नहीं हैं और ये बातें संदर्भ से बाहर कही गई हैं. डॉक्टर ज़ाकिर नाइक ने कहा कि वो इस आदेश के ख़िलाफ़ ब्रिटेन में ही न्यायिक समीक्षा के लिए अपील दायर करेंगे.

'अधिकार नहीं सुविधा'

ब्रितानी गृह मंत्री टेरेसा मे का कहना है कि ब्रिटेन की यात्रा करना किसी का 'अधिकार' नहीं बल्कि ब्रितानी सरकार की ओर से दी जाने वाली 'सुविधा' है.

अगर किसी व्यक्ति के ब्रिटेन आने से देश की सुरक्षा को ख़तरा हो या शांति भंग होने की आशंका हो तो वीज़ा देने से इनकार किया जा सकता है लेकिन ब्रितानी क़ानूनों के मुताबिक़ किसी व्यक्ति को उसके विचारों की वजह से देश में प्रवेश करने से नहीं रोका जा सकता.

गृह मंत्री का कहना है, "डॉक्टर नाईक ने अनेक ऐसी टिप्पणियाँ की हैं जो मेरी नज़र में उनके अस्वीकार्य व्यवहार का सबूत हैं. ब्रिटेन आना एक सुविधा है, किसी का अधिकार नहीं, जो लोग देश की जनता के लिए ठीक नहीं हैं उन्हें देश में प्रवेश करने देने की हमारी कोई इच्छा नहीं है."

टेरेसा मे ने कहा, "ये एक गंभीर निर्णय है और यह हल्के-फुल्के तरीक़े से लिया गया फ़ैसला नहीं है, न ही ये फ़ैसला मुद्दों पर खुली बहस को रोकने के उद्देश्य से किया गया है."

नई कंज़रवेटिव-लिबरल डेमोक्रेट गठबंधन सरकार के सत्ता में आने के बाद से यह पहला मौक़ा है जब किसी व्यक्ति को इस तरह ब्रिटेन आने से रोका गया है.

डॉक्टर नाईक को इस्लाम का विद्वान माना जाता है लेकिन बीबीसी संवाददाता संजीव भुट्टो का कहना है कि दूसरे धर्मों के बारे में उनकी टिप्पणियों की वजह से कई बार विवाद पैदा हुए हैं.

वे 'पीस टीवी' के सह संचालक हैं और पीस टीवी की वेबसाइट के अनुसार वे "मेडिकल डॉक्टर हैं और इस्लामी दृष्टिकोण को क़ुरआन की मदद से स्पष्ट करते हैं".

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