बांग्लादेश: ज़हरीले पानी से करोड़ों लोगों को ख़तरा

बांग्लादेश

एक अध्ययन के मुताबिक बांग्लादेश में 7.7 करोड़ लोगों पर आर्सेनिक युक्त पानी के सेवन से अनेक स्वास्थ्य संबंधी रोग होने का ख़तरा मंडरा रहा है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया के इतिहास में किसी भी जगह पर ज़हरीले पदार्थ के सामूहिक सेवन की ये सबसे बड़ी घटना है.

'लैंसेट' पत्रिका में छपे इस अध्ययन के अनुसार राजधानी ढाका के नज़दीक एक ज़िले के 12 हज़ार लोगों पर 10 साल तक सर्वेक्षण किया गया है.

इससे स्पष्ट हुआ है कि इलाक़े में आर्सेनिक युक्त पानी के सेवन से अब तक 2400 लोगों की मौत हो चुकी है.

हैंडपंप के पानी का सेवन

इस अध्ययन के लिए बंगलादेश को इसलिए चुना गया क्यों कि वहाँ की लगभग 90 प्रतिशत आबादी ज़मीन से निकले पानी का सेवन करती है.

वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्ष 1970 में हैंडपंप लगाए जाने के बाद से बंगलादेश में लगभग सात करोड़ 70 लाख लोगों के पीने के पानी में आर्सेनिक मौजूद है.

शोधकर्ताओं ने यह पाया कि जिन लोगों पर ये अध्ययन किया गया उनमें से 20 प्रतिशत लोगों की मौत आर्सेनिक के सेवन से हुई है.

शोधकर्ताओं का कहना है कि आर्सेनिक से मौत का संबंध जानने के लिए पहली बार यह अध्ययन किया गया. अध्ययन में हिस्सा लेने वाले लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई और हर दो साल बाद उनके रक्त और पेशाब के नमूने लिए गए.

स्थानीय कुओं के पानी के भी नमूने लिए गए जिससे उस पानी में आर्सेनिक के स्तर की जांच हो सके.

वैज्ञानिकों का कहना है कि लंबे समय तक आर्सेनिक के सेवन से, चाहे वह थोड़ी मात्रा में ही क्यों न हो, मूत्राशय, किडनी, फेफड़े या त्वचा के कैंसर का ख़तरा हो सकता है.

बांग्लादेश के अलावा अमरीका, भारत और मैक्सिको के कुछ भागों में भी इसी तरह की समस्या है.

संबंधित समाचार