सू ची का जन्मदिन, कई जगह प्रदर्शन

बर्मा की नेता आंग सांग सू ची के समर्थक दुनिया भर में उनका 65वां जन्मदिन मना रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून, अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा और ब्रिटेन ने इस मौके पर आग्रह किया है कि सू ची को रिहा किया जाए.

सू ची ने पिछले दो दशक में से ज़्यादातर समय किसी न किसी तरह की हिरासत में निकाला है.

1991 में नोबेल पुरस्कार जीतने वाली सू ची विश्व की उन जानी-मानी हस्तियों में से हैं जो राजनीतिक बंदी हैं. वे वर्तमान में बर्मा की पूर्व राजधानी रंगून में नज़रबंद हैं.

सू ची की पार्टी नेशनल लीग फ़ॉर डेमोक्रेसी के कार्यकर्ता जन्मदिन पर बर्मा में करीब 20 हज़ार पौधे लगाएँगे.

शनिवार को विश्व भर में कई जगह उनकी रिहाई की माँग को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने कहा है कि वे इस बात से बेहद चिंतित हैं कि सू ची अब भी नज़रबंद हैं.

उन्होंने कहा, "मैं लगातार ये माँग करता रहा हूँ कि आंग सांग सू ची समेत सभी राजनीतिक बंदियों को जल्द से जल्द बिना किसी शर्त के छोड़ा जाए ताकि वे राजनीतिक प्रक्रिया में हिस्सा ले सकें."

वहीं ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने कहा है कि सू ची समेत बर्मा में 2100 से ज़्यादा राजनीतिक क़ैदियों को बंद करके रखना अंतरराष्ट्रीय क़ानून के ख़िलाफ़ है.

नोबेल जीतने वाली राजनीतिक बंदी

उधर अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि सू ची नोबेल विजेता हस्ती हैं और उन्हें रिहा किया जाना चाहिए.

शुक्रवार को फ़िलिपींस में बर्मा के दूतावास के बाहर भी लोगों ने प्रदर्शन किया.

जबकि दक्षिण अफ़्रीका में जब गुरुवार को जब द एल्डर्स नाम के संगठन की बैठक हुई तो सांकेतिक तौर पर एक सीट सू ची के लिए खाली रखी गई. ये संगठन नेल्सन मंडेला ने शुरु किया है.

फ़ेसबुक और अन्य सोशल नेटवर्किंग साइटों पर भी सू ची के समर्थन में संदेश भेजे जा रहे हैं.

रंगून में समर्थकों का कहना है कि वे सू ची के लिए एक छोटी सी पार्टी रखने की योजना बना रहे हैं.

1990 में बर्मा में आख़िरी बार चुनाव हुए थे जिसमें नेशनल लीग फ़ॉर डेमोक्रेसी पार्टी जीत गई थी लेकिन उसे सत्ता में आने नहीं दिया गया था.

पार्टी को ज़बरदस्ती विघटित कर दिया गया है और इस साल होने वाले चुनाव में सू ची के चुनाव लड़ने पर पाबंदी लगा दी गई है.

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