युआन पर चीन का रुख़ पलटा

युआन
Image caption अमरीका के मुताबिक चीन अपने निर्यातकों को फ़ायदा पहुंचाने के लिए जानबूझ कर युआन का अवमूल्यन नहीं कर रहा

चीन ने अपनी मुद्रा युआन को और लचीला बनाने की अपनी घोषणा से पलटते हुए कहा है कि युआन के मूल्य में बदलाव की ज़रूरत नहीं है.

चीन के केंद्रीय बैंक की वैबसाइट पर युआन के मूल्य में बदलाव की संभावना को सिरे से ही नकार दिया गया है.

केंद्रीय बैंक ने कहा है कि युआन में किसी बड़े बदलाव की ज़रूरत नहीं, इसलिए युआन के वर्तमान मूल्य को ही स्थिर रखा जाएगा.

पिछले दो सालों से चीनी युआन की क़ीमत डॉलर के मुक़ाबले कम है.

अमरीकी कांग्रेस के कई नेता लगातार ये कहते रहे हैं कि युआन की क़ीमत कम रखने का लाभ चीन को होता है, और उसका बुरा असर अमरीका की स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है.

अमरीकी नेताओं का ये भी कहना है कि चीन ने अपने निर्यातकों को फ़ायदा पहुंचाने के लिए जानबूझकर युआन की क़ीमत कम कर रखी है.

चीन ने शनिवार को ये घोषणा की थी कि युआन की दरों को लचीला बनाया जाएगा.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस घोषणा पर कहा था कि वैश्विक स्तर पर अर्थव्यवस्था के सुधार की दिशा में ये एक ‘सकारात्मक क़दम’ है.

लेकिन चीन के अपनी बात से पलट जाने के बाद अब लगता है कि यह मामला अगले हफ़्ते जी -20 की बैठक में उठेगा.

अमरीकी वित्त मंत्री तिमथी गिटनर ने भी इस क़दम का सतर्कतापूर्वक स्वागत किया था.

उनका उनका कहना था कि यह महत्वपूर्ण क़दम है, लेकिन देखना होगा कि चीन अपनी मुद्रा को कितना बढ़ने देता हैं.

उल्लेखनीय है कि अप्रैल महीने में गिटनर ने वो रिपोर्ट देने में देरी की थी जिसके तहत चीन को करेंसी के साथ छेड़छाड़ करने वाला घोषित किया जा सकता था.

माना जा रहा है कि अमरीका ने चीन पर दबाव बनाने के लिए ही ऐसा किया था.

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