अमरीकी कमांडर फँसे मुसीबत में

ओबामा के साथ मैकक्रिस्टल (फ़ाइल फ़ोटो)
Image caption मैकक्रिस्टल के सहायक का कहना है कि वे ओबामा से हुई अपनी मुलाक़ात से ख़ुश नहीं थे

अफ़ग़ानिस्तान में शीर्ष अमरीकी कमांडर जनरल स्टेनली मैकक्रिस्टल एक पत्रिका से हुई बातचीत में ओबामा प्रशासन के ख़िलाफ़ की गई टिप्पणी बाद मुसीबत में फँस गए हैं और उनकी नौकरी पर ख़तरा मंडरा रहा है.

नाराज़ राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि वे किसी निर्णय पर पहुँचने से पहले सीधे जनरल मैकक्रिस्टल से बात करना चाहते हैं.

जनरल मैकक्रिस्टल अफ़ग़ानिस्तान से वॉशिंगटन पहुँच रहे हैं जहाँ व्हाइट हाउस के अधिकारी अभी यह नहीं कह रहे हैं कि जनरल मैकक्रिस्टल की नौकरी सुरक्षित है.

हालांकि अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई के प्रवक्ता ने कहा है कि अफ़ग़ान नेता मानते हैं कि वर्ष 2001 से अमरीका ने जितने भी जनरल अफ़ग़ानिस्तान भेजे हैं, मैकक्रिस्टल उनमें सबसे अच्छे कमांडर हैं.

उल्लेखनीय है कि जनरल मैकक्रिस्टल ने रोलिंग स्टोन पत्रिका से हुई बातचीत में जो कहा है उसमें राष्ट्रपति ओबामा के शीर्ष सलाहकार को मसखरा कहना और उपराष्ट्रपति जो बाइडन की खिल्ली उड़ाना शामिल है.

इस पत्रिका में जनरल मैकक्रिस्टल पर यह फ़ीचर इस शुक्रवार, 25 जून को प्रकाशित होना है. हालांकि यह पूरा आलेख रोलिंग स्टोन की वेबसाइट पर प्रकाशित किया जा चुका है.

ओबामा नाराज़

जब जनरल स्टेनली मैकक्रिस्टल को यह कहकर अफ़ग़ानिस्तान भेजा गया था कि उनमें अफ़ग़ान युद्ध को जीतने का माद्दा है तो ओबामा प्रशासन ने एक बड़ा दाँव लगाया था.

जिस जनरल को उनकी रणनीतिक कौशल के लिए यह काम सौंपा गया था अब उसी जनरल को सहज बुद्धि और विवेक की कमी की वजह से राष्ट्रपति ओबामा निकाल बाहर करने की तैयारी कर रहे हैं.

जनरल मैकक्रिस्टल जब राष्ट्रपति ओबामा से पहली बार मिले थे तो उनमें उत्सुकता की इतनी कमी पाई थी कि उन्हें निराशा हो गई थी लेकिन कुछ ही घंटों बाद जिस राष्ट्रपति ओबामा से उनकी मुलाक़ात होगी निश्चित तौर पर वे उन्हें एकदम अलग पाएँगे.

हालांकि राष्ट्रपति ओबामा यह नहीं कह रहे हैं कि वे जनरल मैकक्रिस्टल को नौकरी से निकाल रहे हैं लेकिन वे यह भी नहीं कह रहे हैं कि वे ऐसा नहीं करने जा रहे हैं.

Image caption ओबामा प्रशासन ने जनरल मैकक्रिस्टल को अफ़ग़ानिस्तान में युद्ध जीतने के लिए भेजा था

मैकक्रिस्टल को वॉशिंगटन लौटने का आदेश देने के बाद पत्रकारों से हुई बातचीत में उन्होंने कहा, "जिस लेख में जनरल मैकक्रिस्टल और उनके सहयोगियों का ज़िक्र हुआ है वह साफ़ तौर पर उनके अविवेक को दर्शाता है लेकिन मैं किसी अंतिम निर्णय से पहले उनसे आमने सामने बात करना चाहता हूँ."

पत्रिका से हुई अपनी बातचीत में जनरल ने न केवल राजनेताओं की खिल्ली उड़ाई है बल्कि इससे यह भी ज़ाहिर होता है कि अफ़ग़ानिस्तान में लड रहे सैनिक जीत के प्रति आश्वस्त नहीं है.

'मसखरा'

रोलिंग स्टोन पत्रिका में जनरल स्टेनली मैकक्रिस्टल पर यह फ़ीचर 'रनअवे जनरल' शीर्षक के नाम से प्रकाशित हो रहा है. इसे माइकल हैस्टिंग्स नाम के पत्रकार ने तैयार किया है.

इस फ़ीचर के लिए हैस्टिंग्स को अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका के शीर्ष कमांडर और उनके सहयोगियों के साथ कई हफ़्ते तक समय बिताने का अवसर दिया गया था.

इस फ़ीचर में अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी राजदूत आइकनबरी, उपराष्ट्रपति जो बाइडन और राष्ट्रपति के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जोन्स पर टिप्पणियाँ की गई हैं.

फ़ीचर के अनुसार मैकक्रिस्टल ने जो बाइडन की खिल्ली उडा़ते हुए कहा, "क्या आप उपराष्ट्रपति जो बाइडन के बारे में पूछ रहे हैं, वो कौन हैं?"

जबकि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जोन्स को उन्होंने '1985 में अटका हुआ मसखरा' कहा है.

जनरल स्टेनली मैकक्रिस्टल के एक सहायक के हवाले से फ़ीटर में लिखा गया है कि वे राष्ट्रपति ओबामा से हुई मुलाक़ात से निराश थे. उन्हें लगा था कि राष्ट्रपति तो उनके बारे में कुछ जानते ही नहीं थे.

इस्तीफ़ा

इस फ़ीचर के प्रकाशन के बाद जनरल मैकक्रिस्टल के सहायक डंकन बूथबाय ने इस्तीफ़ा दे दिया है.

डंकन बूथबाय वही हैं जिन्होंने रोलिंग स्टोन के पत्रकार को जनरल मैकक्रिस्टल से मिलने का समय दिलवाया था.

उन्होंने खेद जताते हुए कहा है कि ऐसा नहीं होना चाहिए था.

बूथबाय ने कहा, "अपने पूरे कार्यकाल में मैंने आत्मसम्मान और पेशेवर निष्ठा के साथ काम किया है लेकिन इस लेख में जो कुछ लिखा गया है उससे ऐसा कुछ भी ज़ाहिर नहीं होता."

उन्होंने कहा है कि वे ओबामा प्रशासन और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार टीम का सम्मान करते हैं.

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