भारतीय मूल की प्रधानमंत्री के तेवर

कमला प्रसाद बिस्सेसर
Image caption गीता की सौंगंध खाकर उन्होंने देशवासियों के लिए अपने कर्तव्य पालन करने की कसम खाई

भारतीय मूल की कमला प्रसाद बिसेसर ट्रिनिडाड और टोबैगो की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं. उन्हें चुनाव जीते हुए अभी 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि उन्होंने लाइफ जैकेट पहना और चल पड़ीं बाढ़ प्रभावित कैरिबियाई इलाके के दौरे पर.

एक धर्मनिष्ठ हिंदू कमला ने भगवत गीता पर हाथ रखकर कसम खाई कि वे लोगों के प्रति अपने कर्तव्य का पूरी निष्ठा के साथ पालन करेंगी.

कमला के पूर्वज 1845 से 1917 के बीच चीनी संयंत्रों में काम करने के लिए उत्तर प्रदेश और बिहार से ट्रिनिडाड पहुंचे. कमला प्रसाद बिसेसर पारंपरिक भारतीय मूल्यों के साथ पलीं-बढ़ीं.

पिछले महीने हुए आम चुनाव में उनकी पार्टी यूनाइटेड नेशनल कांग्रेस की अगुवाई वाले गठबंधन को अभूतपूर्व जीत हासिल हुई थी. पिछली सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोपों ने उनकी जीत को आसान बनाया. इनके गठबंधन ने प्रधानमंत्री पैट्रिक मैनिंग के पीपुल्स नैशनल मूवमेंट को हराया.

ब्रिटेन से आजादी मिलने के 48 वर्षों में इस पार्टी ने ट्रिनिडाड और टोबैगो पर 42 वर्षों तक शासन चलाया.

कमला की जीत के साथ ही इस धनवान गणराज्य के लोगों में उम्मीद की किरण दिखाई दी. बीते 24 मई को उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली.

तेल और प्राकृतिक गैस की समृद्धता वाले ट्रिनिडाड और टोबैगो पर हाल में आई वैश्विक आर्थिक मंदी का असर काफी कम पड़ा है.

राजनैतिक कुशलता

कमला ने पिछले कुछ हफ़्ते में ही राजनैतिक कुशलता का परिचय दिया है.

भारतीयों के आगमन के दिवस 30 मई को दिए गए अपने भाषण में उन्होंने प्रजाति, लिंग और वर्ग असमानता जैसे संवेदनशील मसलों के बारे में बात की.

उन्होंने कहा, "मुझे याद है, जब मैं छोटी थी तो गांव में अपने पास-पड़ोस में हर धर्म, जाति, सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि के लोगों के साथ मिलकर भोजन करती. हमने हर हाल में गुजारा किया. अगर कोई चीज किसी एक के पास होती, तो उसे सभी आपस में बांटते. हम सभी में आपसी भाईचारा काफी अधिक है."

उन्होंने यह बात पहले ही साबित कर दिया है कि वे अपनी शर्तों पर प्रधानमंत्री रहेंगी.

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने जब उनसे मिलने की बात कही तो उन्होंने यह कहकर मिलने से इंकार कर दिया कि संसद अभी शुरू नहीं हुआ है.

वो ट्रिनिडाड के समाज में पुरुषों के पारंपरिक सोच और आधुनिक महिला के बीच की खाई को पाटने की भी बात करती हैं.

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