ब्रिटेन आना मुश्किल होगा

Image caption नौकरी के लिए ब्रिटेन आने वालों की संख्या में कमी होगी

यूरोप के बाहर से नौकरी के लिए ब्रिटेन आने वाले उच्च प्रशिक्षित लोगों की संख्या में कटौती करने की घोषणा की है.

ब्रितानी गृह मंत्री टेरेसा मे ने कहा है कि अब से लेकर अप्रैल 2011 के बीच पाँच प्रतिशत की कटौती करके इस संख्या को 24 हज़ार तक लाया जाएगा.

गृह मंत्री ने इसे एक अस्थायी क़दम बताया है और कहा है कि व्यापक विचार-विमर्श के बाद यूरोप के बाहर से आने वाले लोगों की संख्या की सीमा तय की जाएगी.

विपक्षी लेबर पार्टी की सरकार में गृह मंत्री एलन जॉनसन ने इसे 'ग़ैर-ज़रूरी राजनीतिक चालबाज़ी' क़रार दिया है.

माना जा रहा है कि इस कटौती या समय सीमा तय होने का असर भारत जैसे देशों से बड़ी संख्या में आने वाले डॉक्टरो, इंजीनियरों और दूसरे पेशेवर लोगों पर पड़ेगा.

ब्रिटेन की यात्रा पर आए भारत के वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा से जब पत्रकारों ने इस क़दम के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि वे इस बारे में जल्दी ही अपने समकक्ष विंस केबल से बातचीत करेंगे.

उन्होंने कहा, "भारत की बहुत सारी कंपनियाँ ब्रिटेन में कारोबार करती हैं और यह ज़रूरी है कि उनके कर्मचारी बिना दिक्कत के ब्रिटेन आ जा सकें, हम ब्रिटेन की समस्याओं को भी समझते हैं लेकिन हम अपनी चिंताओं से उन्हें अवगत कराएँगे."

इस घोषणा के बाद विंस केबल ने कहा है कि "यह योजना काफ़ी लचीली होगी और जो कंपनियाँ ब्रिटेन के बाहर से अपने कर्मचारियों को लाना चाहती हैं उनकी ज़रूरतों पर भी ग़ौर किया जाएगा और इसे इस तरह लागू किया जाएगा कि आर्थिक मंदी से उबरने की प्रक्रिया पर बुरा असर न पड़े".

चुनावी वादा

अपने चुनाव घोषणा पत्र कंज़रवेटिव पार्टी ने बाहर से आने वाले लोगों की संख्या में कटौती करने का वादा किया था और गृह मंत्री का कहना है कि यह उसी वादे को पूरा करने की दिशा में उठाया गया क़दम है.

टेरेसा मे ने बीबीसी रेडियो फ़ोर के टुडे कार्यक्रम में कहा है कि गठबंधन सरकार में सहमति बन गई है कि बाहर से आने वाले प्रशिक्षित लोगों की सीमा अगले साल अप्रैल तक तय कर ली जाए.

उनका कहना है कि मौजूदा कटौती इसलिए की गई है ताकि लोग सीमा के लागू होने से पहले ही आने की कोशिश में आवेदन करना न शुरु कर दें.

उन्होंने कहा, "ब्रिटेन के लिए इमिग्रेशन अच्छा रहा है लेकिन अनियंत्रित इमिग्रेशन ठीक नहीं है, यही वजह है कि हम उसे नियंत्रित कर रहे हैं. चुनाव में इमिग्रेश एक बड़ा मुद्दा था और हम अपना वादा पूरा कर रहे हैं."

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