ब्रिटेन में छह लाख नौकरियां होंगी ख़त्म

Image caption ब्रिटेन में मंदी के दौर में नौकरियों में कटौती नहीं हुई लेकिन अब सरकारी क्षेत्र में भारी कटौती हो रही है.

ब्रिटेन में अगले छह वर्षों में सरकारी क्षेत्र में कम से कम छह लाख नौकरियां ख़त्म हो सकती हैं.

बजट ज़िम्मेदारी से जुड़े कार्यालय के अनुमान के अनुसार अगले पाँच वर्षों (2015तक) में 4,90,000 नौकरियां ख़त्म हो जाएंगी जबकि 2016 तक कुल छह लाख दस हज़ार नौकरियां समाप्त होंगी.

हालांकि प्रधानमंत्री कैमरन ने कहा है कि उनके कार्यकाल में बेरोज़गारी कम होगी.

लेबर पार्टी ने दावा किया है कि सरकार के क़दम से लोगों की स्थिति बेहद ख़राब होगी. इसके जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा है कि ‘आने वाले दिनों में और अधिक लोगों को काम मिलेगा.’

कैमरन ने कहा कि बजट कार्यालय ने पहली बार निजी और सरकारी क्षेत्र में नौकरियों का पूरा ब्यौरा दिया है जो पहले लेबर सरकार में कभी नहीं हुआ.

इससे पहले गार्डियन अख़बार ने वित्त विभाग से लीक हुए दस्तावेज़ों का हवाला देते हुए लिखा था कि अगले पाँच वर्षों में सरकारी क्षेत्र में 1,20,000 और निजी क्षेत्र में 1,40,000 नौकरियां कम होंगी.

लीक दस्तावेज़ों के अनुसार आने वाले दिनों में बजट के बाद क़रीब 13 लाख लोग बेरोज़गार हो जाएंगे.

इस मुद्दे पर संसद में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच नोंक झोंक भी हुई. जहां विपक्ष ने बेरोज़गारी का मुद्दा उठाया तो सरकार ने कहा कि आने वाले दिनों बेरोज़गारी कम होगी.

सरकार ने गार्डियन अख़बार के आकड़ों को ग़लत क़रार दिया.

द चार्टर्ड इंस्टीट्यूट फॉर पर्सनल एंड डेवलपमेंट के मुख्य अर्थशास्त्री जान फिलपॉट का कहना था कि सरकार को थोड़ा ध्यान रखना होगा.

पिछले दिनों सरकारी विभागों में भी अगले चार वर्ष में 25 प्रतिशत कटौती की घोषणा की गई है.

सरकार का कहना है कि जो पद खाली पड़े हैं वो भरे नहीं जाएंगे इसलिए बेरोज़गारी नहीं बढ़ेगी. सरकार का तर्क है कि निजी क्षेत्र के बढ़ने से आने वाले पाँच वर्षों में 25 लाख नौकरियां भी आएंगी.

हालांकि टीयूसी की महासचिव का कहना है कि ये आकड़े बकवास हैं क्योंकि जब सरकारी ठेके ही बंद हो जाएंगे और खर्च कम हो जाएगा तो नौकरियां कैसे मिलेंगी.

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