'माफ़ी नहीं तो कूटनीति नहीं'

Image caption तुर्क़ी में इसराइल के ख़िलाफ़ काफ़ी ग़ुस्सा है और वहां कई प्रदर्शन हुए हैं.

तुर्की ने कहा है कि वो इसराइल के साथ सभी कूटनीतिक संबंध ख़त्म कर लेगा यदि इसराइल ने गज़ा जा रहे जहाज़ी बेड़े पर हमले की माफ़ी नहीं मांगी.

मई महीने में गज़ा के लिए मदद ले जा रहे जहाज़ी बेड़े पर हुए इसराइली हमले में तुर्की के नौ नागरिक मारे गए थे.

इसराइल ने पूरे मामले की जांच का आदेश दिया है.

तुर्की का कहना है कि वो इसराइली जांच को पूरी तरह से स्वीकार करेंगे यदि इसराइल औपचारिक रूप से तुर्की के नागरिकों की मौत के लिए माफ़ी मांगे.

कड़ा रूख

इस्तांबुल से बीबीसी संवाददाता जोनाथन हेड का कहना है कि इसराइल के ख़िलाफ़ तुर्की का रूख़ अब कड़ा होता नज़र आ रहा है.

पांच दिन पहले ही तुर्की के विदेश मंत्री अहमत दावूतअलू और इसराइल के वाणिज्य मंत्री बेंजामिन बेन एलाइज़र की स्विटज़रलैंड में मुलाक़ात हुई थी जिसके बाद अनुमान लगाया जा रहा था कि दोनों देश एक बार फिर से नया रिश्ता बनाने की कोशिश कर रहे हैं.

Image caption स्विटज़रलैंड में तुर्की और इसराइल के नेतोओं की मुलाक़ात के बाद रिश्तों के सुधरने की उम्मीद बढ़ी थी.

लेकिन तुर्की के विदेश मंत्री का ये नया बयान तुर्की के कड़े होते रूख़ को दर्शाता है.

तुर्की इसराइल से माफ़ी के साथ साथ मारे गए लोगों के लिए मुआवज़ा और अंतरराष्ट्रीय जांच की भी मांग कर रहा है.

इसराइल की ओर से औपचारिक माफ़ी की उम्मीद नहीं के बराबर है क्योंकि वहां की सरकार पहले ही कह चुकी है कि उन्होंने कोई ग़लती नहीं की है जिसके लिए माफ़ी मांगी जाए.

दावूतअलू का कहना था कि अब तुर्की की हवाई सीमा से किसी इसराइली सैनिक विमान की उड़ान पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग चुका है.

इसराइल के लिए ये काफ़ी मुश्किलें पेश कर रहा है क्योंकि इससे देश के उत्तरी हिस्से से जानेवाली सभी उड़ानों पर रोक लग गई है.

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