अमरीकी मिसाइल रोधी प्रणाली पर समझौता

हिलेरी क्लिंटन पौलैंड में
Image caption अमरीकी विदेशमंत्री ने कहा इस समझौते से रूस को कोई ख़तरा नहीं

अमरीका और पोलैंड ने मिसाइल सुरक्षा संबंधी एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. इस समझौते के मुताबिक अमरीका 2018 से पौलैंड में एक सचल रॉकेट प्रणाली स्थापित कर सकेगा, जो दुश्मन की मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने में सक्षम होगी.

ये समझौता अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन की पोलैंड यात्रा के दौरान हुआ है

विवादित मिसाइल रोधी शील्ड संबंधी समझौते के संशोधित संस्करण के मुताबिक पोलैंड में अब एक स्थायी अमरीकी सैन्य अड्डा बनाया जाएगा.

रूस अमरीका की इस योजना का शुरू से ही विरोध करता आया है.

हिलेरी क्लिंटन ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ये अमरीकी मिसाइल रोधी प्रणाली मूलत: ईरान पर लक्षित है और इससे रूस को चिंतित होने की ज़रूरत नहीं है.

हिलरी क्लिंटन ने स्पष्ट किया कि इस रक्षात्मक प्रणीली का उद्देश्य अमरीका के मित्र सहयोगी देशों और क्षेत्र में मौजूद अमरीकी सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.

रुस के ख़िलाफ़ नहीं

पोलैंड के विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोर्स्की ने कहा है कि वे चाहते हैं कि रूस इस रक्षात्मक प्रणाली के बारे में पूरी तरह आश्वस्त रहे.

उनका कहना था कि रूस आपसी विश्वास के आधार पर इस रक्षात्मक प्रणाली का अवलोकन करना चाहे तो इसकी इजाज़त दी जाएगी.

पोलैंड ने अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के प्रशासन के साथ एक समझौता किया था.

इसके मुताबिक बाल्टिक समुद्र के पास रेज़ीकोवो में ये रक्षात्मक प्रणाली लगाने और स्थाई अमरीकी सैन्य अड्डा बनाने के लिए रज़ामंदी दी थी.

लेकिन बाद में राष्ट्रपति ओबामा द्वारा प्रस्तावित नए संशोधनों के अनुरूप ये समझौता लागू किया गया है.

हिलरी क्लिंटन ने कहा है कि अगर रूस अमरीकी मिसाइलरोधी प्रणाली में शामिल होना चाहता है तो उसके लिए दरवाज़े खुले हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि अभी तक रूस की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है.

बीबीसी संवाददाता एडम ईस्टन का कहना है कि पोलैंड ने इस रक्षात्मक प्रणाली की योजना का पुनराकलन करके ईरान जैसे नए ख़तरों की पहचान की और उसके मुताबिक एक इस योजना को और सशक्त बनाया.

उनका कहना है कि अंतर्महाद्वीपीय मिसाइलों को मार गिराने वाले रौकेट प्रणाली के बजाए पोलैंड अब मोबाइल लॉंचर लगाएगा, जो अनिश्चित दूरी से आने वाले हमले भी रोक सकेगा.

क्षेत्र में यूक्रेन और पोलैंड की अपनी इस यात्रा के दौरान हिलेरी क्लिंटन अब जॉर्जिया, अर्मीनिया और अज़रबैजान जाएंगी.

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