नए जनरल ने कमान संभाली

डेविड पेट्रियस
Image caption जनरल डेविड पेट्रियस ने कहा कि तालेबान से लड़ाई नाज़ुक मोड़ पर आ पहुंची है

अफग़ानिस्तान में नए कमांडर जनरल डेविड पैट्रियस ने रविवार को औपचारिक तौर पर गठबंधन सेना की कमान संभाल ली

क़ाबुल में हुए एक सादे सैन्य समारोह में जनरल डेविड पैट्रियस ने ये ज़िम्मेदारी ऐसे नाज़ुक समय पर संभाली है जबकि तालेबान के हमलों से देश में हिंसा का स्तर काफ़ी बढ़ा हुआ है.

जून में ही गठबंधन सेना के सौ से अधिक सैनिक मारे गए हैं. पिछले नौ सालों में ये किसी एक महीने में मारे गए सबसे अधिक सैनिक हैं.

जनरल पेट्रियस ने अपने 1 लाख 30 हज़ार से ज़्यादा सैनिकों को ये चेतावनी भी दी कि तालेबान और अन्य चरमपंथी गुटों के साथ लड़ाई अब नाज़ुक मोड़ पर आ पहुंची है.

जनरल पेट्रियस ने कहा, "सालों की लड़ाई के बाद हम इस नाज़ुक मोड़ पर आ पहुंचे हैं. अब हमें अफ़ग़ानिस्तान के लोगों और सारी दुनिया को ये दिखाना होगा कि अलक़ायदा और उसके नेटवर्क फिर से अफ़ग़ानिस्तान में अपने गढ़ नहीं बना पाएंगे, जहां से वे मासूम नागरिकों और आज़ादी के हिमायती देशों को अपना निशाना बनाया करते हैं."

जनरल पेट्रियस ने ये भी कहा कि इस लड़ाई की मुश्किलें निरंतर बढ़ती ही जाएंगी, " हमारे दुश्मन अफ़ग़ानिस्तान की जनता का मनोबल तोड़ने के लिए हर संभव काम कर रहे हैं, रोज़ मासूम नागिरकों की हत्या की जा रही है. दुश्मन हर तरह की चालें चल रहा है. हमलों के लिए मासूम बच्चों तक का इस्तेमाल किया जा रहा है."

क़ाबुल पहुंचने से पहले ही जनरल डेविड पैट्रियस ने ये स्वीकार किया था कि पिछले नौ वर्षों से जारी इस लड़ाई के बावजूद तालेबान की ताक़त घटी नहीं, बल्कि बढ़ती जा रही है.

जनरल पैट्रियस ने अपनी नई रणनीति का संकेत देते हुए ये भी कहा था कि तालेबान का मुक़ाबला करने के लिए सभी को एकजुट होना पड़ेगा, चाहे वो सेना हो या नागरिक प्रशासन, अफ़ग़ान सैनिक हों या अंतर्राष्ट्रीय सैनिक, सभी को टीम का हिस्सा बन कर काम करना होगा.

जनरल ने कल ही अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई से मुलाक़ात करके उन्हें बताया कि अफ़ग़ानिस्तान अभियान में एकजुटता और पारदर्शिता के साथ जवाबदेही का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा.

नेटो सैनिक

करज़ई सरकार में कई लोग विदेशी सैनिकों की देश से वापसी के विचार से काफी विचलित हैं.

ग़ौर तलब है कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन अफ़ग़ानिस्तान से ब्रितानी सैनिकों को अगले पांच अगले 5 सालों में वापस बुला लेना चाहते हैं.

उधर अमरीका भी अगले 18 महीनों से लेकर दो साल तक अमरीकी सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया शुरू करने की मंशा जा़हिर कर चुका है.

लेकिन जनरल पेट्रियस ने कहा है कि विदेशी सैनिक अभियान पूरा होने तक रुकेंगे और तालेबान को हरा कर ही जाएंगे.

संबंधित समाचार