ईरानी विमानों को ईंधन देने से 'इंकार'

Image caption ईरान का कहना है कि उसके विमान दोगुनी कीमत पर उड़ान भर रहे हैं.

ईरान ने कहा है कि ब्रिटेन, जर्मनी और संयुक्त अरब अमीरात ईरानी यात्री विमानों को ईँधन देने से इंकार कर रहे हैं.

इस कदम की फ़िलहाल पुष्टि नहीं हुई है लेकिन ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी का कहना है कि ऐसा अमरीका की ओर से लगाए गए एकतरफ़ा प्रतिबंध के बाद से हो रहा है.

इन प्रतिबंधों का मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाना है.

ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए हैं लेकिन पश्चिमी देशों की सोच है कि ईरान परमाणु बम बनाने की कोशिश में है.

ईरानी एयरलाइंस यूनियन के सचिव मेहदी अलियारी ने सरकारी समाचार एजेंसी को बताया, “ पिछले एक हफ़्ते से ब्रिटेन, जर्मनी और संयुक्त अरब अमीरात के हवाई अड्डों पर हमारे विमानों को ईँधन नहीं दिया गया है.”

एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है अब उनके विमान जितना संभव हो सके ईँधन ईरान में ही भर लेते हैं. इसके अलावा जिन देशों में उनपर प्रतिबंध नहीं है वहां से गुज़रते वक्त भी वो ईँधन डलवा लेते हैं लेकिन इससे उड़ानों की कीमत लगभग दोगुनी हो जा रही है.

ईरान ने कहा है कि यदि ये जारी रहा तो वो भी उनके यहां से गुज़रने वाले जहाज़ों और विमानों के साथ वैसा ही बर्ताव करेंगे.

अबू धाबी एयरपोर्ट कंपनी के प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि उनकी ओर से ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया है.

लंदन से फ़िलहाल कोई बयान नहीं आया है.

नए अमरीकी प्रतिबंध के तहत कोई कंपनी जो ईरानी यात्री विमानों को ईँधन उपलब्ध करवाती है उसे अमरीकी क़ानून के तहत जुर्माना भरना होगा.

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