बेनज़ीर हत्याकांड की जाँच फिर से नहीं: यूएन

रिपोर्ट सौंपते हुए बान की मून
Image caption संयुक्त राष्ट्र ने यह रिपोर्ट 15 अप्रैल को जारी की थी

संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि पाकिस्तान की आपत्तियों के बावजूद वह पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की हत्या के मामले की जाँच फिर से नहीं करेगा.

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने कहा, "हम स्पष्ट कर चुके हैं कि जाँच पूरी हो चुकी है."

संस्था की ओर से यह ज़रुर कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून पाकिस्तान के विदेश मंत्री के उस पत्र का जवाब ज़रुर देंगे जिसमें जाँच की रिपोर्ट को लेकर आपत्तियाँ जताई गई हैं.

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने बान की मून को लिखे पत्र में रिपोर्ट के कई अंशों पर आपत्ति जताई थी.

इस पत्र को अब जाकर सार्वजनिक किया गया है.

पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की 27 दिसंबर, 2007 को रावलपिंडी में एक चुनावी रैली के दौरान हत्या कर दी गई थी.

पाकिस्तान सरकार की मांग पर संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2009 में हत्या की परिस्थितियाँ और तथ्यों की जाँच के लिए एक आयोग का गठन किया था. इस आयोग का नेतृत्व संयुक्त राष्ट्र में चिली के पूर्व राजदूत हेराल्डो मूनोज़ कर रहे थे.

इस आयोग ने गत 15 अप्रैल को अपनी रिपोर्ट जारी की थी.

फिर से जाँच नहीं

संयुक्त राष्ट्र ने बेनज़ीर भुट्टो की हत्या की जाँच फिर से किए जाने की संभावना को ख़ारिज कर दिया है.

संस्था के सह प्रवक्ता फ़रहान हक़ ने एक सवाल के जवाब में कहा, "हमने यह स्पष्ट कर दिया है कि जाँच पूरी हो चुकी है. काम ख़त्म हो चुका है और अब यह दूसरी एजेंसियों की ज़िम्मेदारी है कि वह इसे आगे बढ़ाए."

हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया है कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी के पत्र में जताई गई आपत्तियों का जवाब देंगे.

उनका कहना था, "इस पत्र में अन्य बातों के अलावा यह भी होगा कि महासचिव जाँच आयोग का पूरी तरह से समर्थन करते हैं. पत्र लिखने के बाद हम प्रयास करेंगे कि यह सार्वजनिक किया जा सके."

यह पूछे जाने पर कि यह जवाब कब तक आने की संभावना है, उन्होंने कहा, "यह जानकारी हमें नहीं है."

जाँच और आपत्ति

Image caption रिपोर्ट में कहा गया है कि बेनज़ीर भुट्टो की हत्या को रोका जा सकता था

पाकिस्तान सरकार की ओर से हत्याकांड पर संयुक्त राष्ट्र की जाँच रिपोर्ट के कई अंशों पर आपत्ति जताई गई थी.

रिपोर्ट के जिन अंशों पर आपत्ति जताई गई थी उनमें पाकिस्तान की सेना और तालिबान के बीच सांठगांठ के आरोप भी शामिल हैं.

संयुक्त राष्ट्र की टीम ने पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की हत्या की जाँच रिपोर्ट में कहा था कि यदि पर्याप्त सुरक्षा इंतज़ाम किए गए होते तो हत्या को रोका जा सकता था.

रिपोर्ट में परवेज़ मुशर्रफ़ की तत्कालीन सैन्य सरकार की कड़ी आलोचना की गई थी और संयुक्त राष्ट्र की टीम ने आरोप लगाए थे कि अधिकारियों ने क़त्ल की ठीक तरीके से जाँच नहीं की थी.

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