इटली:फ़ोन टैपिंग के क़ानून पर हड़ताल

फोनटैपिंग को लेकर पत्रकोरों की हड़ताल
Image caption फोन टैपिंग के नए क़ानून से जेल हो सकती है

इटली में फ़ोन टैपिंग से संबंधित क़ानून को कड़ा करने के सरकारी प्रस्ताव के ख़िलाफ़ वहाँ पत्रकार हड़ताल पर हैं. पत्रकारों का कहना है कि नए क़ानून के बाद ख़बरों से जुड़ी जाँच के काम में बाधा आएगी.

हड़ताल से रेडियो और टीवी के प्रसारण बाधित रह सकते हैं.

सरकार के इस सुझाव से इटली के मजिस्ट्रेट भी ख़ासे नाराज़ हैं. उनका कहना है कि ऐसा करने से कई तरह के अपराधों की जाँच पर असर पड़ेगा.

इटली में आधिकारिक रूप से फोन टैपिंग करना बहुत आम बात है.आँकड़ों के अनुसार इटली में हर साल लगभग एक लाख 20 हज़ार बार लोगों के फ़ोन टैप होते हैं और ये काम आधिकारिक तौर पर होता है.

इस आँकड़े को इटली के प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी ने बहुत ज़्यादा बताया है.

उनका कहना है कि फ़ोन टैपिंग से लोगों की निजी ज़िंदगी में बहुत ज़्यादा दख़लअंदाज़ी होने लगी है.

जेल की सज़ा भी हो सकती है

प्रधानमंत्री बर्लुस्कोनी ने प्रस्ताव दिया है कि फोन टैपिंग की इस संख्या को घटाकर साल में सिर्फ़ 75 दिन तक सीमित कर देना चाहिए.

उल्लेखनीय है कि इटली के मौजूदा नियमों के तहत कई वर्षों तक फ़ोन टैपिंग की जा सकती है.

नए प्रस्तावों में किसी का फ़ोन टैप करके उस पूरी बातचीत को छापने या प्रसारण करने पर भारी जुर्माने या जेल का प्रावधान रखा गया है.

इस नए क़ानून को पत्रकारों ने खुलकर अपनी बात बोलने के अधिकार पर हमला बताया है.

बर्लुस्कोनी की पार्टी में हलचल

सिल्वियो बर्लुस्कोनी के नए प्रस्ताव के बाद उनकी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. उनकी अपनी पार्टी में माहौल गर्म बना हुआ है. ऐसे भी संकेत दिए जा रहे हैं कि अगर फ़ोन टैपिंग के क़ानून में बदलाव नहीं किए गए तो बर्लुस्कोनी के साथी जियनफ्रांको फ़िनी उनका साथ छोड़कर ख़ुद का एक राजनीतिक मोर्चा खोल सकते हैं.

ग़ौरतलब है कि बर्लुस्कोनी पहले ही भ्रष्टाचार के आरोप में अपने दो मंत्रियों को खो चुके हैं.

बजट कटौती पर सख़्त नियमों को लेकर अक्सर बर्लुस्कोनी की अपने वित्त मंत्री से झड़प होती रहती है.इटली की मीडिया ने इसे राजनीतिक संकट करार दिया है.

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