हैदराबाद मेट्रो परियोजना पांच वर्ष में तैयार होगी

हैदराबाद
Image caption 12 हज़ार करोड़ रूपए की इस परियोजना को अगले चार में पूरा करने की योजना है

केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री एस जयपाल रेड्डी ने कहा है की हैदराबाद मे मेट्रो रेल परियोजना के नींव जल्द ही रख दी जाएगी और यह परियोजना पांच वर्ष में बनकर तैयार हो जाएगी.

उन्होंने हैदराबाद में पत्रकारों से कहा की इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार 1458 करोड़ की सहायता देगी. उन्हों ने कहा की 71 किलो मीटर लंबी यह मेट्रो रेल हैदराबाद में ट्रैफ़िक की समस्याओं का निदान करेगी. हैदराबाद मेट्रो रेल लिमिटेड ने बृहस्पतिवार को ही इस परियोजना का ठेका देश की एक बड़ी इंजीनियरिंग कंपनी लार्सन एंड टूब्रो को देने का फैसला किया था.

12 हज़ार करोड़ रूपए की इस परियोजना का ठेका पहले मेटास नामक कंपनी को दिया गया था जो घोटाले में फ़ँसी कंपनी सत्यम समूह का हिस्सा थी.

मेटास भी सत्यम में हुए कई हज़ार करोड़ रूपए के घोटाले की चपेट में आ गई और उसे ये परियोजना छोड़नी पड़ी.

इसके बाद राज्य सरकार ने मेट्रो का ठेका देने के लिए नए सिरे से प्रक्रिया शुरू की और इस कारण परियोजना शुरू होने में दो साल की देर हो गई.

परियोजना के अंतर्गत 71 किलोमीटर लंबी तीन लाइनों से हैदराबाद के नागरिकों को मेट्रो रेल की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी.

अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के ठेके के लिए कुछ विदेशी कंपनियों समेत छह बड़ी कंपनियों ने दावा पेश किया था.

एल एंड टी चार साल के भीतर इस बड़ी परियोजना को पूरा करेगी.

मेट्रो परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने पहले ही सहायता देने की घोषणा कर दी है.

हैदराबाद मेट्रो की तीन लाइनें सिकंदराबाद को फ़लकनुमा से, साइबराबाद को सिकंदराबाद से और कुकत्पल्ली को दिलसुखनगर से जोड़ेंगी.

मेट्रो की ये लाइनें सड़कों के बीचों बीच ऊंचे खंभों पर बिछाई जाएँगी.

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