फ़ैसले के अध्ययन के बाद प्रतिक्रिया

नीतीश कुमार
Image caption सत्ता पक्ष का कहना है कि अदालती आदेश के अध्ययन के बाद ही विस्तृत प्रतिक्रिया दी जा सकती है.

बिहार में वित्तीय गड़बड़ियों की सीबीआई जांच संबंधी अदालती आदेश पर बिहार का सत्ता पक्ष तत्काल कोई प्रतिक्रिया देने से बच रहा है.

पटना हाईकोर्ट ने बिहार के सरकारी खज़ाने से 11,412 करोड़ की निकासी संबंधी कथित वित्तीय गड़बड़ी की सीबीआई जाँच के आदेश दिए हैं.

बिहार के महालेखाकार ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि सरकारी खज़ाने से निकाली गई इस राशि के ख़र्च के ज़रुरी विवरण न होने से बड़ी वित्तीय अनियमितता का संदेह होता है.

प्रतिक्रिया

राज्य के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है, ''यह किसी वित्तीय घपले का मामला नहीं है. सिर्फ राशि के ख़र्च संबंधी उपयोगिता प्रमाणपत्र समय पर जामा नहीं किये जाने का मामला दिखता है. वैसे हाई कोर्ट के आदेश का ठीक से अध्ययन कर लेने के बाद ही इस बाबत कुछ और कहा जा सकता है.''

जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिवानन्द तिवारी का कहना है, ''यह कोई घोटाला नहीं, बल्कि ख़र्च का हिसाब-किताब रखने में लापरवाही का मामला लगता है. इस संबंध में अदालती आदेश को पूरी तरह समझ लेने के बाद ही प्रतिक्रिया दी जा सकती है, क्योंकि इस से नियम-कानून के कई पहलू जुड़े हुए हैं.''

उधर राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने भी इस पर तुरंत कुछ बोलने से बचते हुए सिर्फ इतना कहा है कि कोर्ट के आदेश को बिना देखे प्रतिक्रिया देना उचित नहीं होगा.

दरअसल इस कथित वित्तीय घपले के जिस कार्यकाल का उल्लेख संबधित याचिका में है, वो राबड़ी देवी सरकार के कार्यकाल से भी जुड़ा हुआ है.

याचिका

इस मामले में याचिकाकर्ता ने गड़बड़ी के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी सहित 13 मंत्रियों और मुख्यसचिव सहित कई अधिकारियों को मिलाकर कुल 47 लोगों के ख़िलाफ़ आपराधिक मामला दर्ज करके उन पर मुक़दमा चलाने का अनुरोध किया था.

अदालत ने जाँच के आदेश देते हुए सीबीआई के निदेशक को 26 जुलाई को अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है ताकि उन्हें जाँच के विषय में आवश्यक दिशा निर्देश दिए जा सकें.

इसी दिन इस मामले की आगे सुनवाई होनी है.

इस वर्ष के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के ठीक पहले आए इस मामले से जनता दल यूनाइटेड और भारतीय जनता पार्टी के सत्तारूढ़ गठबंधन में अफ़रा-तफ़री फैल गई है. हालांकि इस पर सत्तारूढ़ गठबंधन की ओर से फ़िलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है.

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