दो उल्फ़ा नेता बंगलादेश में गिरफ़्तार

उल्फ़ा
Image caption पिछले कुछ अर्से में कई उल्फ़ा नेता गिरफ्तार किए गए हैं

बंगलादेश में अधिकारियों ने कहा है कि उन्होंने प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ़्रंट ऑफ़ असम यानि (उल्फ़ा)के दो संदिग्ध नेताओं को गिरफ़्तार किया है.

अधिकारियों का कहना था कि किशोरगंज के उपज़िले भैरब में शनिवार भोर होने से पहले मारे गए छापे में रंजन चौधरी और प्रदीप मराक को गिरफ़्तार किया गया.

बंगलादेश के अपराध निरोधक दस्ते रैपिड एक्शन बटालियन यानि (आरएबी)के एक प्रवक्ता लैफ्टिनेंट कमांडर मोहम्मेद सुहेल ने पीटीआई समाचार एजेंसी को बताया, “हमने उल्फ़ा नेता रंजन चौधरी, उर्फ़ मेजर रंजन और प्रदीप मराक को भैरब के लक्खीपुर इलाके से पकड़ा है.”

मोहम्म्द सुहेल ने ये भी बताया कि संदिग्धों के पास से एक आधुनकितम पिस्तौल, एक रिवॉल्वर और चार छोटे बम बरामद किए गए हैं.

अधिकारियों के मुताबिक उल्फ़ा नेता रंजन चौधरी एक दशक से भी ज़्यादा समय से बंगलादेश में थे और वहां प्रशिक्षण दे रहे थे .

समझा जाता है कि बंगलादेश ने अपनी ज़मीन पर सक्रिय उल्फ़ा नेताओं पर शिकंजा कसने का सिलसिला तेज़ कर दिया है.

हाल ही में बंगलादेश सरकार ने उल्फ़ा प्रमुख अरबिंदा राजखोवा और उनके कुछ सहयोगियों को गिरफ़्तार करके भारत को सौंपा था.

विश्लेषकों का कहना है कि बंगलादेश सरकार का ऐसे मामलों में अपनी भूमिका ज़ाहिर करना एक असाधारण बात है, क्यों कि संदिग्ध चरमपंथियों की देश में मौजूदगी राजनीतिक तौर पर बहुत संवेदनशील मुद्दा है.

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