अमरीका लगाएगा नए प्रतिबंध

Image caption मार्च में दक्षिण कोरिया के युद्धपोत को डुबो दिया गया था

दक्षिण कोरियाई युद्धपोत को डुबोने को लेकर हुए विवाद के बाद अमरीका ने उत्तर कोरिया पर नए सिरे से प्रतिबंध लगाने का फ़ैसला किया है.

दक्षिण कोरिया के दौरे पर आईं हिलेरी क्लिंटन ने इस बात की घोषणा की है.

हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि इन नए प्रतिबंधों का असर उत्तर कोरिया के हथियारों की ख़रीद फ़रोख़्त और लक्ज़री सामान के निर्यात पर होगा.

इसका असर उत्तर कोरिया की उन कंपनियों पर भी होगा जो विदेशों में परमाणु सामग्री का प्रसार करती हैं. पाबंदियों के बाद ऐसा करना मुश्किल हो जाएगा.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई जाँच में दक्षिण कोरिया के युद्धपोत को डुबोने का आरोप उत्तर कोरिया पर लगाया गया है. हालांकि उत्तर कोरिया ने इससे इनकार किया है.

अमरीका की विदेश मंत्री ने कहा है कि ये पांबदियाँ उत्तर कोरिया के गुमराह नेतृत्व के ख़िलाफ़ उठाए गए हैं और आम लोगों को निशाना नहीं बनाया गया है.

बीबीसी संवाददाता जॉन सडवर्थ ने बताया है कि प्रतिबंध को कैसे क्रिन्यान्वित किया जाएगा इस बारे में जानकारी नहीं दी गई है लेकिन ये स्पष्ट है कि इनका मकसद युद्धपोत पर कथित हमले को लेकर उत्तर कोरिया को सज़ा देना है.

चनान नामक युद्धपोत विवादित कोरियाई समुद्री सीमा के पास 26 मार्च को डुबोया गया था जिसके बाद से उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच तनाव काफ़ी बढ़ गया है.

जहाज़ के मलबे को समुद्री तट से उपर खींचा गया था और अमरीका, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और स्वीडन के विशेषज्ञों ने इसकी जांच पड़ताल की थी.

जाँचकर्ताओं का कहना था कि जहाज़ के निचले हिस्से से स्पष्ट है कि इसे टोरपीडो के ज़रिए डुबोया गया और टोरपीडो पूरी तरह से उस डिज़ाइन से मिलता है जो उत्तर कोरिया में बनते हैं.

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