भारत को ज़िम्मेदारी समझने की सलाह

हेडली
Image caption हेडली के बयान के हवाले से भारत ने आईएसआई पर मुंबई हमलों में शामिल होने का आरोप लगाया था

डेविड हेडली से हुई पूछताछ में मिली जानकारी को सार्वजनिक करने पर ओबामा प्रशासन के नाराज़ होने की खबरों के बीच गुरुवार को अमरीका ने कहा है कि 'दोनों देशों को अपनी ज़िम्मेदारी को समझना चाहिए'.

अमरीका के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पीजे क्रॉउली ने कहा कि अमरीका आतंकवाद के ख़िलाफ़ भारत के सहयोग का सम्मान करता है. लेकिन इससे निपटना दोनों देशों की ज़िम्मेदारी है.

नियमित प्रेस काफ्रेंस में पत्रकारों ने भारतीय मीडिया मे छपी रिपोर्ट का हवाला देते हुए पूछा कि क्या ओबामा प्रशासन, डेविड हेडली से हुई पूछताछ में मिली जानकारी को सार्वजनिक करने के भारतीय अधिकारियों के फ़ैसले पर नाराज़ है, तो पीजे क्रॉउली ने कहा, "हम ये उम्मीद करते हैं कि दोनों देश अपनी ज़िम्मेदारियों को पूरा करेंगें."

गत 10 जून को भारतीय जाँच अधिकारियों ने जब डेविड हेडली से हुई पूछताछ पूरी की थी तब अमरीका के क़ानून विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि 'अमरीका और भारत, दोनों देशों मे सहमति बनी है कि हेडली से मिली जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा.'

अमरीकी अधिकारियों का मानना है कि हेडली पर आम बहस, अमरीका में हेडली के मुक़दमे को प्रभावित कर सकती है.

हालांकि पीजे क्रॉउली ने इस मामले में खुल कर कुछ कहने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा, "मै सिर्फ़ इतना कहना चाहूँगा कि दोनों देशों के बीच सहयोग ज़रुरी है. ये हमारे संबंधों का अहम हिस्सा है. इस सहयोग में दोनों देशों की ज़िम्मेदारियां हैं."

पिछले हफ़्ते भारतीय विदेश मंत्री एसएम कृष्णा के पाकिस्तान दौरे से पहले भारतीय गृह सचिव जीके पिल्लई ने इंडियन एक्सप्रेस अख़बार को दिए साक्षात्कार में कहा था कि मुंबई हमले के पीछे पाकिस्तान की खु़फ़िया ऐजेंसी आईएसआई का हाथ था.

इस बयान का असर दोनों देशों के विदेशमंत्रियों की मुलाक़ात पर भी दिखाई दिया था.

मंगलवार को भारत के सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने भी दिल्ली में हुए एक सेमीनार में कहा कि भारत आतंकवाद की धुरी के पड़ोस में रहता है.

संबंधित समाचार