बॉस की पत्नी को पीट दिया

चीनी याचिकाकर्ता
Image caption चीनी याचिकाकर्ता बड़ी तादाद में मौजूद थे

सरकार के खिलाफ गुहार लगाने वालों को रोकने की ग़लतफ़हमी में पुलिस अधिकारी की पत्नी को पीटना चीन के तीन पुलिसकर्मियों को भारी पड़ गया.

घटना में शामिल तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है. पुलिसकर्मियों ने असल में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की पत्नी चेन यूलियान को याचिकाकर्ता समझ लिया और उन्हें पुलिस कार्यालय में घुसने से रोकने के लिए पीटना शुरु कर दिया.

ये घटना पिछले महीने चीन के हुबेई प्रांत में घटी, जब यूलियान अपने पति के आफिस में घुसने की कोशिश कर रही थीं.

जानकारों का कहना है कि इससे साफ हो जाता है कि सरकार के खिलाफ शिकायत करने वाले चीनी नागरिकों के साथ प्रशासन किस तरह का बर्ताव करता है.

चीनी मीडिया में आई खबरों के अनुसार मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी सरकार से गुहार लगाने आए याचिकाकर्ताओं को रोकने के लिए सादी वर्दी में तैनात किए गए थे.

पीटा फिर क़ैद किया

घटना के दौरान पुलिसकर्मियों ने यूलियान को ज़मीन पर गिरा दिया और 15 मिनट तक उन्हें पीटते रहे. इसके बाद उन्हें कैद कर लिया गया.

मामले की तहकीकात के बाद पता चला कि ये महिला असल में अपनी बेटी की मौत के बारे में अधिकारियों से शिकायत करने आई थी. यूलियान का मानना है की उसकी बेटी की मौत इलाज के दौरान लापरवाही की वजह से हुई.

अपने पति की सरकारी नौकरी के चलते वो अधिकारियों से सीधे बात नहीं कर सकती थी.

यूलियान के पति पर याचिकाकर्ताओं को नियंत्रित करने और उनकी देखरेख का ज़िम्मा है.

विभाग से संबंधित एक स्थानीय पुलिस अधिकारी के हवाले से, चीनी अख़बार शंघाई डेली ने कहा “ये घटना पूरी तरह से एक ग़लतफ़हमी का नतीजा है. हम एक बड़े अधिकारी की पत्नी को पीटना नहीं चाहते थे.”

किसी के भी साथ क्यों

हालांकि इंटरनेट के ज़रिए इस घटना पर प्रतिक्रिया ज़ाहिर करने वाले चीनियों का मानना है कि यूलियान की पहचान में गलती होना कोई मुद्दा नहीं. वास्तव में किसी भी याचिकाकर्ता के साथ हाथापाई नहीं होनी चाहिए.

एक अनाम व्यक्ति के हवाले से दूसरे अख़बार चाइना डेली ने लिखा,“क्या इसका मतलब ये है कि पुलिस नेताओं और लरकारी अधिकारियों की पत्नियों पर हाथ न उठाए, लेकिन आम आदमी के साथ हिंसक बर्ताव कर सकती है.“

गौरतलब है कि चीन में हर दिन हजारों लोग अपनी शिकायतें लेकर स्थानीय अधिकारियों के पास आते हैं. ज्य़ादातर समस्याएं ज़मीन के मालिकाना हक और बेरोज़गारी से जुड़ी होती हैं. लोगों की शिकायत है कि पुलिसकर्मियों का रुख उनके प्रति बेहद रुखा और कड़ा होता है.

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