रिटायर होंगे डेसमंड टूटू

डेसमंड टूटू
Image caption टूटू क्रिकेट के बड़े प्रशंसक और पारखी हैं.

नोबेल पुरस्कार विजेता आर्चबिशप डेसमंड टूटू ने घोषणा की है कि वे सार्वजनिक जीवन से संन्यास ले रहे हैं. टूटू ने दक्षिण अफ़्रीका में रंगभेद नीति के ख़िलाफ़ संघर्ष में एक अहम रोल अदा किया था.

उन्होंने गुरुवार को कहा है कि वे इस वर्ष अक्तूबर में अपने 79वें जन्मदिन के बाद सप्ताह में सिर्फ़ एक दिन काम करेंगे और फिर धीरे-धीरे रिटायर हो जाएंगे.

नेल्सन मंडेला के 27 वर्ष के जेल प्रवास के दौरान डेसमंड टूटू ने रंगभेद के ख़िलाफ़ लगातार आवाज़ उठाई थी. उन्हें इन्हीं प्रयासों के लिए 1984 में नोबेल शांति पुरस्कार से नवाज़ा गया था.

नेल्सन मंडेला ने डेसमंड टूटू को दक्षिण अफ़्रीका में रंगभेद के दौर में हुए अपराधों की सुनवाई के लिए बने आयोग की अध्यक्षता करने के लिए भी चुना था.

ख़ुशी का लम्हा

डेसमंड टूटू ने कहा है कि 1994 में नेल्सन मंडेला को दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति के रुप में पेश करना उनके लिए एक बड़ी ख़ुशी का लम्हा था.

केप टाउन में एक प्रेसवार्ता में टूटू ने कहा कि पिछले कुछ सालों से उनके काम का बोझ काफ़ी बढ़ गया है.

उन्होंने कहा, “मैं अपने आपको भाग्यशाली मानता हूं कि मैं एक नए लोकतांत्रिक, आनंदित करने वाले और कभी-कभी उत्तेजित करने वाले राष्ट्र के विकास में कुछ योगदान दे पाया हूं.”

उन्होंने कहा कि वे रिटायर होने के बाद अपनी पत्नी के साथ चाय की चुस्कियां लेते हुए क्रिकेट मैच देखा करेंगे और साथ ही अपने पोता-पोतियों के साथ वक़्त बिताया करेंगे.

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