'शरणार्थी अपराधी नहीं हैं'

Policemen in Greece
Image caption ग्रीस की सीमा में दाख़िल होने वालों में बड़ी संख्या बच्चों और नाबालिगों की है.

मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनैशनल ने ग्रीस पर आरोप लगाया है कि वो अवैध आप्रवासियों के साथ अपराधियों वाला बर्ताव कर रहा है और उन्हें जेल में डाला जा रहा है.

आप्रवासियों को कैदख़ानों में डालने की निंदा करते हुए एमनेस्टी इंटरनेशनल ने अपील की है कि बिना किसी सबूत इन शरणार्थियों को अपराधी नहीं समझा जाए.

एमनेस्टी ने ख़ासतौर पर नाबालिगों और बच्चों को लेकर ये चिंता ज़ाहिर की है.

यूरोप और मध्य-एशिया में एमनेस्टी का कार्यभार संभालने वाली निकोला डकवर्थ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ग्रीस में शरण लेने वाले सभी आप्रवासी अपराधी नहीं हैं.

उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत शरणार्थियों के अधिकारों को दरकिनार करते हुए ग्रीक अधिकारी आमतौर पर इनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार ही करते हैं.

गौरतलब है कि एथेन्स के उत्तरी हिस्से में मौजूद एवलोना बंदीगृह में इन दिनों सूडान, इराक, अफ़ग़ानिस्तान और सोमालिया से आए 360 नाबालिग लड़के कै़द हैं.

इनके साथ जेल में रहे एक नाबालिग लड़के ने बताया कि बेहद छोटे-छोटे कमरों में दिन के 15 घंटे सभी लड़कों को क़ैद रखा जाता है.

इन कमरों की हालत बेहद ख़राब है और ये तिलचट्टे से भरे रहते हैं. इनमें शौचालय और नहाने की भी कोई व्यवस्था नहीं होती.

अपनी बुनियादी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए ये बच्चे दूसरे कै़दियों के लिए काम करते हैं या उनसे भीख मांगते हैं.

यूरोप में दाख़िल होने के लिए हर साल कई हज़ार आप्रवासी ग्रीस की सीमा में दाख़िल होते हैं. ऐसे में शरणार्थियों को पनाह देने के लिए कानूनी कार्रवाई तेज़ करने और शरणार्थी शिविरों की हालत सुधारने के लिए ग्रीस पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है.

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