भ्रष्टाचार के आरोप ग़लत: सुरेश कलमाडी़

दिल्ली में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के बीच आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है.

राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति पर कथित तौर पर पैसों के हेरफेर, बेतरतीब ख़र्च और काम में ढिलाई बरतने के आरोपों को ख़ारिज करते हुए सुरेश कलमाड़ी ने साफ़ किया कि केंद्रीय सतर्कता आयोग किसी भी मामले में भारतीय ओलंपिक कमेटी के खिलाफ़ जाँच नहीं कर रहा है.

ताज़ा मामला लंदन की एक ऐसी कंपनी का है, जिसे कथित तौर पर लाखों पाउंड दिए गए. एक निजी टीवी चैनल ने अपनी विशेष रिपोर्ट में इस कंपनी पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं.

सुरेश कलमाड़ी ने इन सभी आरोपों को सिरे से ख़ारिज करते हुए कहा, "मुझे उन बेबुनियाद और निराधार आरोपों से बेहद दुख पहुंचा है जो एक निजी टीवी चैनल ने लगाए हैं. इन लोगों ने राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति से सफाई लिए बिना ही ये आरोप गढ़ दिए और इनसे खेलों को सफल बनाने में जुटे उन तमाम लोगों के मनोबल पर भी बुरा असर पड़ रहा है."

'पारदर्शिता बरती गई'

सुरेश कलमाड़ी ने उन आरोपों को भी गलत बताया है जिनमे कहा गया था की लंदन की एक कंपनी के खाते में हर महीने 25 हज़ार पाउंड स्थानांतरित किए गए.

सुरेश कलमाड़ी ने कहा, "हमें लंदन में आयोजित होने वाली क्वींस बैटन रिले के लिए आयोजन समिति से 13 करोड़ रूपए की राशि दी गई थी जिसमें से सिर्फ़ छह करोड़ ही खर्च हुई है. हर मामले में पारदर्शिता बरती गई है."

कलमाड़ी ने इससे इनकार किया कि केंद्रीय सतर्कता आयोग राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में कथित भ्रष्टाचार की जांच कर रहा है.

जब प्रेस वार्ता में मौजूद पत्रकारों ने सुरेश कलमाड़ी को भारतीय जनता पार्टी की कथित भ्रष्टाचार मामले में न्यायिक जांच की मांग की बात याद दिलाई तो सुरेश कलमाड़ी ने इस पर कोई आपात्ति नहीं जताई और कहा कि ये फ़ैसला सरकार को लेना है.

राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन को सफल बनाने का भरोसा जताते हुए सुरेश कलमाड़ी ने इस बात का भी दावा किया है कि दिल्ली में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन बीजिंग में हुए ओलंपिक खेलों से भी बेहतर होगा.

केंद्रीय सतर्कता आयोग की रिपोर्ट के बाद राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति को एक और झटका लगा है. बीसीसीआई ने एक अरब रुपए के अनुदान की उसकी मांग ठुकरा दी है.

आयोजन समिति के प्रमुख सुरेश कलम़ाडी ने बीसीसीआई से एक अरब रूपये का अनुदान देकर राष्ट्रमंडल खलों में प्रमुख साझेदार बनने का आग्रह किया था. मुंबई में शनिवार को बीसीसीआई कार्यकारी समिति ने कलम़ाडी का यह आग्रह ठुकरा दिया.

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