अगस्त अंत तक हटेंगे अमरीकी सैनिक

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस बात की पुष्टि की है कि इस साल 31 अगस्त तक इराक़ में अमरीकी सैन्य अभियान ख़त्म हो जाएगा.

इराक़ी सुरक्षाबलों को सलाह और प्रशिक्षण देने, विद्रोहियों के ख़िलाफ़ अभियान चलाने और अमरीकी हितों की रक्षा के लिए 2011 के अंत तक करीब पचास हज़ार अमरीकी सैनिक इराक़ में बनेंगे.

इराक़ के साथ 2008 में हुए समझौते के मुताबिक अगले साल के अंत तक ये सैनिक चले जाएँगे. बराक ओबामा ने कहा है कि सैन्य अभियान वादे के मुताबिक समय पर बंद कर दिए जाएँगे.

अटलांटा में पूर्व सैनिकों के समक्ष दिए ओबामा के भाषण का मुख्य ज़ोर इराक़ में किए वादे पूरे करने पर था. 2008 में राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के दौरान इराक़ से सैनिक हटाने का मुद्दा ओबामा के अभियान का मुख्य बिंदु था.

लेकिन अमरीकी राष्ट्रपति ने आगाह करते हुए ये भी कहा, “आप समझने में कोई ग़लती न करें. इराक़ में अमरीका का काम सैन्य अभियान से हटकर नागरिक सहयोग की ओर बढ़ रहा है.”

घातक महीना ?

अमरीकी सेना के मुताबिक पिछले महीने इराक़ में हुए हमलों में 222 लोग मारे गए हैं जबकि इराक़ का कहना है कि 535 लोगों की जान गई है. अगर ये आँकड़ा सही है तो पिछले दो वर्षों में जुलाई सबसे घातक महीना होगा.

अमरीकी सेना के बयान में कहा गया है कि ये दावा ग़लत है कि मई 2008 के बाद से जुलाई इराक़ में सबसे घातक महीना है.

अमरीका ने विस्तार से कोई जानकारी नहीं दी है कि उसके और इराक़ी आँकड़ों में इतना फ़र्क़ क्यों है.

टीकाकारों का कहना है कि नवंबर में कांग्रेस चुनाव से पहले ओबामा चाहते हैं कि इराक़ में उठाए गए क़दमों को वे सफलता के तौर पर पेश करें.

बग़दाद में बीबीसी के ह्यू साइक्स ने कहा है कि कुछ इराक़ी चिंतित हैं कि ऐसे समय जब अमरीकी सैनिक जा रहे हैं अल कायदा के हमले बढ़ रहे हैं. सोमवार को दो बम हमलों और गोलीबारी में आठ लोग मारे गए.

संवाददाता के मुताबिक सरकार न बनने को लेकर चल रही अनिश्चितिता पर भी इराक़ी लोग चिंता में है.

मार्च में हुए चुनाव में सबसे ज़्यादा सीटें जीतने वाले शिया, सुन्नी और कुर्द गुटों में इस बात को लेकर सहमति नहीं बन पाई है कि अगला इराक़ी प्रधानमंत्री कौन हो.

आशंका जताई जा रही है कि इस अनिश्चितिता के कारण 2011 तक अमरीकी सैनिकों के हटने की योजना खटाई में पड़ सकती है.

अमरीका इराक़ में अपनी सैन्य मौजूदगी कम कर रहा है और अफ़ग़ानिस्तान में मौजूदगी बढ़ा रहा है.

ओबामा प्रशासन का कहना है कि इराक़ से सैनिकों की वापसी के बाद इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान में मिलाकर एक लाख 46 हज़ार सैनिक होंगे. जनवरी 2009 में ये संख्या एक लाख 77 हज़ार थी.

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