नाव से दुनिया देखेंगी 14 वर्षीय लॉरा

लॉरा डेकर
Image caption रिकार्ड बनाने के लिए लॉरा को सितंबर 2012 तक लिसबन पहुंचना होगा

नीदरलैंड की 14 वर्षीय नाविक लॉरा डेकर अकेले पूरी दुनिया का सफ़र करने के लक्ष्य से अपनी बोट सहित नीदरलैंड से रवाना हो गई हैं.

नीदरलैंड के दक्षिणी बंदरगाह से लॉरा पहले अपने पिता डिक डेकर के साथ पुर्तगाल जा रही हैं. इसके बाद तैयारियां पूरी कर वो 11.5 मीटर लंबी एक बोट में अकेले अपने सफ़र की शुरुआत करेंगी.

अपने सफ़र के दौरान आराम करने, पढ़ाई और बोट के रखरखाव के लिए लॉरा कई जगह रुकेंगी.

पुर्तगाल के लिए निकलने से पहले मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, ''सफ़र की शुरुआत से पहले हम ये जांच कर लेना चाहते हैं कि बोट पूरी तरह तैयार है. ये बोट का आख़िरी परिक्षण होगा. इसके बाद मैं कैनेरी द्बीप के लिए अकेले अपने सफ़र की शुरुआत करुंगी.''

कोर्ट की हरी झंडी

पिछले हफ़्ते नीदरलैंट के एक कोर्ट ने इस मामले में लॉरा को राहत देते हुए उनकी यात्रा को हरी झंडी दी. कोर्ट ने बाल कल्याण संस्थाओं से कहा कि लॉरा ने सभी नियमों का पालन करते हुए ज़रूरी इंतज़ाम कर लिए हैं. इस सफ़र से उनके सामाजिक या भावनात्मक विकास को कोई ख़तरा नहीं होगा.

लॉरा डेकर कम उम्र की एक अनुभवी नाविक हैं. उनका जन्म नीदरलैंड में अपने माता-पिका की बोट पर ही हुआ. बचपन में ही उन्होंने सबसे कम उम्र की नाविक के तौर पर पूरी दुनिया घूमने का सपना देखा.

ये पूछे जाने पर कि अपने इस सफ़र के दौरान वो समुद्री लुटेरों से कैसे निपटेंगी लॉरा ने कहा, ''समुद्री लुटेरे वाकई एक समस्या हैं लेकिन समुद्र में आमतौर पर कई जहाज और नावें होती हैं. ख़तरनाक इलाकों में मैं समूह के साथ सफ़र करूंगी.''

पहला रिकार्ड

पहला रिकार्ड ब्रिटेन के एक 17 साल के युवक के नाम है. अपने इस रिकार्ड को पूरा करने लिए लॉरा को 16 सितंबर 2012 से पहले लिसबन पहुंचना होगा.

बच्चों के अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्थाओं और कोर्ट की सख़्ती के चलते लॉरा को इस सफ़र के लिए कड़ी तैयारी करनी पड़ी.

कोर्ट ने उन्हें आदेश दिया कि वो आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षण लें.

इसके अलावा उन्होंने अपनी पढ़ाई का एक साल पूरा किया और प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण भी लिया. लॉरा की बोट अत्याधुनिक तकनीक से लैस संचार और रडार सिस्टम से लैस है.

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