अमरीकी जज ने समलैंगिक विवाह से रोक हटाई

समलैंगिक विवाह

अमरीका के फ़ेडरल जज ने कैलिफ़ोर्नियामें समलैंगिक विवाह पर लगे प्रतिबंध के उलट फ़ैसला सुनाया है.

जज ने कहा कि समलैंगिक लोग अगर शादी करना चाहते हैं तो उनपर रोक लगाना असंवैधानिक है. ये उन लोगों के साथ भेदभाव होगा.

कैलिफ़ोर्निया में ये प्रावधान वर्ष 2008 में मतदाताओं की सहमति से लाया गया था जिसे प्रोपोज़िशन आठ कहा जाता है.

समलैंगिक विवाह के प्रतिबंध का समर्थन करने वाले जज के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करना चाहते हैं. संभावना है कि ये मामला अमरीकी उच्चतम न्यायालय तक पहुंचेगा.

समलैंगिक विवाह के लिए इस प्रावधान की प्रक्रिया मतदान के ज़रिए कराई गई थी. इसके लिए मतदान किया गया था जिसमें 52 प्रतिशत लोगों ने प्रतिबंध के पक्ष में जबकि 48 प्रतिशत ने इसके ख़िलाफ़ मतदान किया था.

अभी तक अमरीका में वॉशिंगटन और पाँच अन्य राज्यों में समलैंगिक विवाह को मंज़ूरी मिली हुई है जबकि कई अन्य ज़्यादा राज्यों में प्रतिबंध लगा हुआ है.

उल्लेखनीय है इस फ़ैसले के बाद से ही समलैंगिकों को विवाह की अनुमति नहीं दी गई है.

अमरीका की ज़िला अदालत के न्यायाधीश वॉन वॉकर ने अपने फ़ैसले को रिकॉर्ड में डालने का काम कुछ दिनों के लिए टाल दिया है. इस बीच जज वॉकर इस फ़ैसले पर और तर्क सुनेंगे और अन्य अपीलों पर भी ग़ौर करेंगे.

समर्थन-विरोध

Image caption जज के फ़ैसले से समलैंगिक विवाह के समर्थकों में ख़ुशी की लहर दौड़ गई.

कैलिफ़ोर्नियो के गवर्नर अर्नाल्ड श्वार्ज़ेनेगर ने इस फ़ैसले का तुरंत स्वागत किया.

उन्होंने कहा, "कैलिफ़ोर्निया के हज़ारों समलैंगिकों को इस फ़ैसले से सुरक्षा मिलेगी. ये हर नागरिक का हक़ भी है. इस फ़ैसले से हम सभी उन्हें सम्मान से देखेंगे. ऐसा करने से हमारी प्रतिष्ठा और बढ़ेगी."

अमरीकी सीनेट की की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी ने भी इस फ़ैसले का स्वागत किया है. उन्होंने कहा," प्रोपोज़िशन आठ ने लोगों के अधिकार और आज़ादी को छीन लिया है और ये कैलिफ़ोर्निया के संविधान पर एक दाग़ है."

लेकिन समलैंगिक विवाह पर प्रतिबंध का समर्थन करने वालों ने इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करने का निश्चय किया है.

रूढ़ीवादी समुदाय सेव कैलिफ़ोर्निया डॉट कॉम की रैंडी थॉमसन ने इस फ़ैसले को मतदाताओं के अधिकारों पर गहरा झटका बताया है.

उन्होंने समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा, "जज वॉकर ने संविधान के लिखित शब्दों को नज़रअंदाज़ कर दिया है. उन्होंने शपथ ली थी कि वे संविधान के प्रति ईमानदार रहेंगे लेकिन उन्होंने समलैंगिकों को लेकर ख़ुद की सोच मतदाताओं, अभिभावकों और उनके बच्चों के ऊपर थोप दी है."

ग़ौरतलब है कि 2008 के मतदान के बाद कैलिफ़ोर्निया के संविधान में बदलाव किए गए थे. इसमें कहा गया था कि कैलिफ़ोर्निया में सिर्फ़ उसी शादी को मान्यता दी जाएगी जो एक पुरुष और महिला के बीच हुई हो.

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