कास्त्रो ने संसद में भाषण दिया

फ़िदेस कास्त्रो
Image caption अपनी ज़ोरदार आवाज़ मे सधा हुआ भाषण देकर फ़िदेल कास्त्रो ने राजनीति मंच पर वापसी की है

क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति फ़िदेल कास्त्रो ने शनिवार को चार साल बाद ससंद में भाषण दिया है.

अपनी प्रिय ज़ैतूनी रंग की सैन्य वर्दी में फ़िदेल कास्त्रो जैसे ही नेशनल असेंबली के मंच की और बढ़े, लोगों ने खड़े हो कर ज़ोरदार तालियों से उनका स्वागत किया.

चार साल पहले फ़िदेल कास्त्रो ने अपने ख़राब स्वास्थ्य के कारण देश के राष्ट्रपति पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

वर्ष 2006 में अपने पेट के ऑपरेशन के लिए राष्ट्रपति पद से अलग हुए फ़िदेल कास्त्रो ने सत्ता अपने भाई राउल कास्त्रो को सौंप दी थी.

लगभग 10 मिनट के अपने संक्षिप्त भाषण की शुरुआत में कास्त्रो ने परमाणु युद्ध के ख़तरों की ओर संकेत किया.

किसी समय अपने धारदार भाषणों में घंटों पश्चिमी देशों को आलोचना का निशाना बनाने वाले कास्त्रो ने इस बार लगभग 10 मिनट में ही अपना भाषण समाप्त कर दिया.

कास्त्रो ने कहा कि अमरीका ईरान और उत्तर कोरिया पर हमले कर सकता है और विश्व परमाणु विध्वंस के कगार पर खड़ा है.

फ़िदेल कास्त्रो ने अपने भाषण में अमरीका और ईरान के बीच परमाणु युद्ध छिड़ने की आशंका ज़ाहिर की.

लेकिन हमेशा की तरह अपने सबसे बड़े कथित दुश्मन अमरीका की इस बात के लिए निंदा करने के बजाए कास्त्रो ने राष्ट्रपति ओबामा से अपील की कि वे चाहें तो परमाणु विध्वंस के ख़तरों को टाल सकते हैं.

उल्लेखनीय है कि अमरीका ईरान पर ये आरोप लगाता है कि वह ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से परमाणु हथियार बना रहा है.

लेकिन ईरान इस आरोप का खंडन करते हुए यही कहता आया है कि उसके परमाणु कार्यक्रम देश की ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए हैं.

83 वर्षीय फ़िदेल कास्त्रो के भाई और क्यूबा के राष्ट्रपति राउल कास्त्रो भी नेशनल असेंबली के चेंबर में मौजूद थे.

फ़िदेल कास्त्रो ने ज़ोरदार आवाज़ में काफ़ी सधा हुआ भाषण दिया, जिसमें उनका आत्मविश्वास पिछले महीने के मुक़ाबले काफ़ी मज़बूत दिखाई दिया.

पिछले महीने फ़िदेल कास्त्रो टेलीविज़न पर दिखाई दिए थे.

अपनी स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद फ़िदेल कास्त्रो क्यूबाई कम्युनिस्ट पार्टी के प्रथम सचिव हैं.

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