'अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद' के लिए हूजी, इलियास कश्मीरी पर प्रतिबंध

अमरीकी विदेश मंत्रालय
Image caption अमरीका के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र ने भी हूजी और कश्मीरी के ख़िलाफ़ कड़े क़दम उठाए हैं

अमरीका ने पाकिस्तान स्थित हरकत-उल जिहाद इस्लामी (हूजी) और उसके कमांडर मोहम्मद इलियास कश्मीरी को अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से जु़ड़ा हुआ घोषित किया है और अनेक तरह के प्रतिबंध लगाए हैं.

संयुक्त राष्ट्र ने भी हूजी और कश्मीरी को अल क़ायदा से संबंधित प्रतिबंधित संगठनों और लोगों की सूची में शामिल किया है.

अमरीका के विदेश और वित्त मंत्रालयों की ओर से जारी एक बयान में कहा है, "ये क़दम इलियास कश्मीरी के आतंकवादी गतिविधियों को दिए गए समर्थन और हूजी के लिए काम करने के कारण उठाया गया है. इससे पहले कार्यकारी आदेश 13224 के तहत अमरीका के अधिकार क्षेत्र में कश्मीरी की संपत्ति को ज़ब्त करने का हुक़्म दिया जा चुका है. अमरीकियों को कश्मीरी के साथ किसी भी तरह का लेन-देन न करने की हिदायत दी गई है."

ग़ौरतलब है कि सुरक्षा एजेंसियों ने 46 वर्षीय इलियास कश्मीरी का संबंध नवंबर 2008 के मुंबई हमलों और पैगंबर मोहम्मद के कार्टून बनाने वाले डेनमार्क पत्रकार पर हमले की कथित योजना बनाने वाले अमरीकी डेविड कोलमैन हेडली से भी बताए गए हैं.

'बनारस, हैदराबाद हमलों से संबंध'

मोहम्मद इलियास कश्मीरी का नाम मार्च 2007 में हुए बनारस हमलों, मई 2007 के मक्का मस्जिद हमलों, मार्च 2006 में कराची स्थित अमरीकी वाणिज्य दूतावास पर हमले और कई अन्य हिंसक घटनाओं के सिलसिले में उछला है.

अमरीका के मुताबिक इलियास कश्मीरी ने अक्तूबर 2008 में पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के पूर्व कमांडर जनरल अमीर फ़ैसल अलवी की हत्या की कार्रवाई का संचालन किया था.

अमरीकी विदेश और वित्त मंत्रालय के बयान के मुताबिक 'हूजी के कमांडर के रूप में इलियास कश्मीरी अल क़ायदा को उसकी गतिविधियों के लिए मदद देते हैं.'

उन पर ये आरोप भी हैं कि उन्होंने पाकिस्तान के सरकारी कर्मचारियों, मूलभूत ढांचे, लाहौर पुलिस और ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के ख़िलाफ़ हमलों का समर्थन किया है.

'अल क़ाय़दा से संबंध'

अमरीका के अनुसार, "हूजी भारत और पाकिस्तान में सक्रिय है. अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के मज़बूत होने बाद से हूजी के अल क़ायदा के साथ संबंध बढ़े हैं."

अमरीका का कहना है कि इलियास कश्मीरी अमरीकी सेनाओं और और उसके सहयोगियों के ख़िलाफ़ हमले करने की योजनाओं का मुख्य केंद्र हैं और वे अल क़ायदा और हूजी के चरमपंथियों की फ़ौज तैयार करने का काम कर रहे हैं.

अमरीका का मानना है कि संयु्क्त राष्ट्र की ओर से भी हूजी पर प्रतिबंध लगने से अल क़ायदा और उससे संबंधित संगठनों से पैदा हुए ख़तरों के ख़िलाफ़ एक महत्वपूर्ण क़दम उठाया गया है.

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