धुएँ से घिरे मॉस्को में दोगुना मौतें

मॉस्को
Image caption मॉस्को पर शहर के बाहर के जंगलों में लगी आग से निकले धुएँ की परत छाई हुई है

जंगलों में लगी आग से निकले धुएँ से घिरे मॉस्को में अधिकारियों का कहना है कि शहर में पहले के मुक़ाबले इस अवधि में दोगुना लोगों की मौत हो रही है.

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि आम तौर पर साल के इस समय प्रतिदिन अधिकतम 380 लोगों की मृत्यु होती रही है लेकिन इस साल ये संख्या बढ़कर 700 तक पहुँच गई है.

मॉस्को के स्वास्थ्य प्रमुख आंद्रेइ सेल्त्सोवस्की ने पत्रकारों से कहा,"सामान्य दिनों में प्रतिदिन 360 से 380 मौतें होती हैं, लेकिन इस समय लगभग 700 मौतें हो रही हैं."

उन्होंने मृत्युदर के बढ़ने के लिए सीधे-सीधे गर्मी या धुएँ को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया लेकिन चिकित्सकों ने बिना नाम ज़ाहिर किए बताया है कि मुर्दाघरों में गर्मी और धुएँ से जुड़े कारणों से मारे गए लोगों के शव भरे हुए हैं.

आधिकारिक तौर पर मध्य और पश्चिमी रूस में जंगलों में पिछले सप्ताह से रिकॉर्ड गर्मी के कारण लगी आग से 50 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं.

स्थिति

Image caption मॉस्को में धुएँ के कारण लोग मास्क लगाकर बाहर निकल रहे हैं

मॉस्को में लगातार चौथे दिन प्रदूषण ख़तरनाक स्थिति में पहुँच गया है और शहर कोहरे में घिरा हुआ है.

मध्य रूस के दूसरे हिस्सों से मृत्यु के बारे में आँकड़े अभी नहीं आ सके हैं.

मॉस्को के वायुमंडल में कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा अभी भी सामान्य से दोगुना है.

शहर पर जंगलों की ओर से आ रहे धुएँ की परत बिछी हुई है.

वहाँ गुरूवार तक तापमान के 35 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहने की भविष्यवाणी की गई है.

रूस के मौसम विभाग के प्रमुख अलेक्ज़ेंडर फ़्रोलोव ने कहा है कि इस बार की गर्मी पिछले 1000 वर्षों के रूसी इतिहास में दर्ज सबसे गंभीर गर्मी है.

उन्होंने इंटरफ़ैक्स एजेंसी से कहा,"ये बिल्कुल ही अजीब तरह की गर्मी है, पुराने दस्तावेज़ों में इसतरह की गर्मी के बारे में कुछ भी दर्ज नहीं है."

रूस की इतार-तास समाचार एजेंसी के अनुसार मॉस्को हवाई अड्डे पर शुरू में व्यवधान आया था लेकिन अब वहाँ से उड़ानें नियमित हो गई हैं.

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