मटर खाई ही नहीं उगाई भी

मटर

अमरीका के मैसाच्युसेट्स राज्य में रहने वाले रॉन स्वीडन उस समय हैरान रह गए जब उन्हें डॉक्टरों ने बताया कि जिसे वह फेफड़े का कैंसर समझ रहे हैं दरअसल वह मटर का पौधा है.

हुआ यूँ कि रॉन ने मटर खाई. एक दाना अमाशय की जगह फेफड़े की ओर मुड़ गया और कुछ दिन बाद वहाँ उसमें कोंपल फूट निकली.

रॉन कई महीने तक तकलीफ़ से जूझते रहे और फिर उन्हें लगा कि वह कैंसर से पीड़ित हैं.

एक बार जब वह खाँसते-खाँसते बेदम हो गए तो उनकी पत्नी उन्हें अस्पताल ले गईं.

कैंसर की जाँच से पहले उनका एक्सरे हुआ और फिर यह अजीबो ग़रीब मामला सामने आया.

रॉन के फेफड़े में फलफूल रहा यह पौधा आधा इंच बढ़ चुका था.

वह कहते हैं कि अगर समय पर पता नहीं चलता तो क्या पता यह पूरा बड़ा पौधा ही बन जाता. लेकिन इस समय उनके परिवार ने इस बात से इत्मीनान की साँस ली है कि उनकी बीमारी कैंसर नहीं थी.

रॉन स्वीडन का ऑपरेशन हुआ और पौधा बाहर निकाल दिया गया.

होश आने पर उन्हें अस्पताल में जो सबसे पहला भोजन मिला वह थी उबली मटर.

स्वीडन ने बोस्टन के एक टीवी चैनेल से कहा, "खाना देख कर मुझे हँसी तो बहुत आई लेकिन मैंने वह खा लिया".

अब वह घर पर आराम कर रहे हैं और उनकी पत्नी नैन्सी उनकी देखभाल कर रही हैं.

नैन्सी कहती हैं, "ईश्वर का सेन्स ऑफ़ ह्यूमर ज़बरदस्त है".

रॉन के मित्र उन्हें लगातार उपहार भेज रहे हैं--मटर के बीज और डिब्बाबंद मटर...

लेकिन इस घटना से एक सबक़ और मिलता है-अपना खाना ख़ूब चबा कर खाएँ.

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