अंटार्कटिका की सौ साल पुरानी, 'बर्फ़ीली' स्कॉच

व्हिस्की
Image caption सौ साल पुरानी स्कॉच मिलने से व्हाइट एंड मैके के मास्टर ब्लैंडर भी उत्साहित हैं

स्कॉच के शौक़ीनों के दिल सौ साल पुरानी स्कॉच मिलने की ख़बर से ज़रूर ज़ोर से धड़केंगे लेकिन जो इसका शौक़ नहीं भी रखते वो भी इस खोज से हैरान ज़रूर होंगे.

अंटार्कटिका की बर्फ़ में दबी सौ साल से भी ज़्यादा पुरानी 'मैकिन्ले' स्कॉच की 11 बोतलें न्यूज़ीलैंड के अंटार्कटिक हैरिटेज संग्रहालय में दिखाई गई हैं.

अंटार्कटिका के जाने माने खोजकर्ता अर्नैस्ट शैकलटन के निवास से ये बक्सा मिला, जो बर्फ़ में दबा हुआ था.

अर्नेस्ट शैकलटन अपने नीमरोड अभियान के लिए इसे सन 1907 में अंटार्कटिका लेकर आए थे.

अपनी खोजी टीम को बर्फ़ीली सर्दी से बचाने के ख़याल से शैकलटन ये स्कॉच लेकर गए थे.

लेकिन अभियान के नाक़ाम होने के बाद ये स्कॉच वहीं रह गई और सौ सालों तक बर्फ़ में जमी रही.

हाल ही में अंटार्कटिका गए कुछ खोजकर्ताओं के हाथ कलात्मक वस्तुओं के साथ ये स्कॉच भी लग गई.

'जैसे हीरे, जवाहरात मिल जाएँ'

मशहूर स्कॉटिश व्हिस्की 'व्हाइट एंड मैके' के 'मास्टर ब्लैंडर' रिचर्ड पेटर्सन व्हिस्की की ख़ूब समझ रखते हैं.

पेटर्सन सौ साल पुरानी इस व्हिस्की की खोज से बेहद उत्साहित हैं और बताते हैं कि व्हिस्की के शौक़ीनों के लिए ये अहसास कैसा हो सकता है.

उनका कहना है, "यूँ समझ लीजिए कि यह व्हिस्की 102 साल से भी ज्यादा समय से फ्रिज में रखी हुई है. ये कोई ऐसी व्हिस्की नहीं है, जिसे बोतल खोल कर पी लिया जाए. क़रीब सन 1897 से ये बार-बार बर्फ़ में जमती रही है. ये अहसास ऐसा ही है जैसे किसी व्हिस्की बनाने वाले का सपना सच हो जाए, जैसे तूतनख़ानम की क़ब्र में जाकर किसी को सोना और जवाहरात मिल जाएँ"

जब व्हिस्की का ये बक्सा बरामद किया गया था, तो ये पूरी तरह बर्फ़ में जमा हुआ था.

क़ाग़ज़ों की कतरनों और तिनकों के बीच सहेज कर रखी गई 11 बोतलों को काफ़ी समय तक धीरे धीरे पिघलाया गया है.

इस व्हिस्की का ब्रांड अब नहीं है लेकिन 'व्हाइट एंड मैके' के विशेषज्ञ इस ब्रांड की नकल तैयार करने की उम्मीद लगाए हुए हैं.

लेकिन फ़िलहाल कोई इस व्हिस्की का मज़ा लेने की उम्मीद न लगाए, क्योंकि ऐतिहासिक विरासत बन चुकी ये बोतलें अब वापस अंटार्कटिका भेजकर सुरक्षित रखी जाएंगी.

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