भालू फंस गया बोतल में

भालू
Image caption क़रीब 10 दिनों से बोतल मे सर फंसाए भालू को इलाके मे भटकते देखा जा रहा था

अमरीका में क़रीब 10 दिनों से भूखे प्यासे भटक रहे भालू के बच्चे के सर को आख़िरकार प्लास्टिक की बोतल से आज़ाद कर दिया गया.

फ़्लोरिडा राज्य के वीयरस्डेल शहर में खाने की तलाश में भटक रहा ये भालू का बच्चा कचरे में में मुंह दे बैठा और उसका सर एक बोतल में फंस गया.

उसे जीवन दान देने वाले वैज्ञानिकों ने बताया कि बोतल में मुंह फंसने के कारण ये भालू कुछ खाने पीने लायक नहीं रह गया था.

उनका कहना था कि इलाके में ‘जारहेड’ नाम से लोकप्रिय हो चुका यह भालू मरने के कगार पर पहुंच गया था.

‘फ़्लोरिडा फ़िश एंड वाइल्ड लाइफ़ कंज़रवेशन कमीशन’ यानि ‘एफ़ डब्ल्यू सी’ के पास ये सूचना पहुंची.

विभाग के वैज्ञानिकों ने इस भालू शावक को पकड़ने के लिए कई इलाकों में जाल बिछाए लेकिन भालू की माता बार बार पकड़ने वालों को गच्चा दे जाती थी.

‘जारहेड’ की माता अपने दो और नवजात शिशुओं के साथ उसे लेकर काफी समय से कचरे के डिब्बों में खाना ढूंढने आती थी.

लेकिन शुक्रवार को जब फिर से इस भालू परिवार को देखा गया तो विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची और दूर से ही भालू की माता को नींद की दवा का एक इंजैक्शन फेंक कर लगाया गया.

माता को नींद के असर में देख कर भालू शावक भी उसके इर्दगिर्द जमा हो गए और तभी जारहेड को वैज्ञानिकों ने पकड़ा और उसके सर से बोतल निकाल दी.

वैज्ञानिकों का कहना है कि ये काम इतना आसान नहीं था क्यों कि जारहेड ने पकड़ में न आने के लिए कड़ा संघर्ष किया.

‘एफ़ डब्ल्यू सी’ ने अपनी वेबसाइट पर लिखा है, “हालांकि इस कहानी का एक सुखद अंत हुआ लेकिन हक़ीक़त यह सामने आई है कि जब वन्यजीवन कचरे के डब्बे में मुंह मारने लगता है, तो उसके कितने ख़तरनाक नतीजे हो सकते हैं.”

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