बग़दाद में विस्फोट, 59 की मौत

विस्फोट स्थल
Image caption सेना में भर्ती का दौर चल रहा है इसलिए वहाँ बहुत भीड़ थी

इराक़ की राजधानी बग़दाद में एक सेना भर्ती केंद्र में हुए एक आत्मघाती बम विस्फोट में 59 लोग मारे गए हैं.

चिकिस्ता अधिकारियों का कहना है कि इस हमले में 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं.

यह विस्फोट ऐसे समय पर हुआ है जब अमरीकी सेना अपनी कार्रवाई ख़त्म करने की तैयारी कर रही है और एक दिन पहले ही गठबंधन सरकार के गठन के लिए दो प्रमुख नेताओं ने अपनी बातचीत को फ़िलहाल रोक दिया है.

हमला

बीबीसी संवाददाता ह्यू साइक्स है कि आत्मघाती हमलावर ने उन सैकड़ों लोगों के बीच घुसकर विस्फोट किया जो सेना में भर्ती के लिए अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे थे.

वहाँ सोमवार की रात से ही सैकड़ों लोग वहाँ इकट्ठे हो गए थे जिससे कि भर्ती की लाइन में उनका नंबर पहले आ जाए.

जहाँ विस्फोट हुआ है वो जगह बस स्टैंड के पास है.

संवाददाता का कहना है कि सुबह के वक़्त वहाँ सड़कों पर भी भीड़ बहुत थी जिसकी वजह से हमलावर जब वहाँ पहुँचा तो किसी ने ध्यान नहीं दिया.

विस्फोट के बाद क्षत-विक्षत शव यहाँ वहाँ बिखरे पड़े थे. कहा जा रहा है कि मारे जाने वाले लोगों में कुछ सैनिक भी हैं.

जहाँ विस्फोट हुआ वह इराक़ के पूर्व शासक सद्दाम हुसैन के ज़माने में रक्षा मंत्रालय का कार्यालय था लेकिन वर्ष 2003 में अमरीकी हमले के बाद वहाँ भर्ती कार्यालय खोल दिया गया.

फ़िलहाल किसी ने भी हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है लेकिन संवाददाताओं का कहना है कि शक की सुई अल-क़ायदा की ओर ही जा रही है क्योंकि हाल के दिनों में अल-क़ायदा की सक्रियता बढ़ी है.

बेरोज़गारी

Image caption अमरीकी सैनिक अगस्त के अंत में वहाँ कार्रवाई बंद कर देंगे

इस बीच इराक़ में बेरोज़गारी की दर 60 प्रतिशत तक जा पहुँची है और हज़ारों लोग नौकरियों की तलाश में हैं.

चूंकि इराक़ी अधिकारी सेना की ताक़त को बढ़ाने की कोशिशों में लगे हुए हैं इसलिए हर हफ़्ते 250 लोगों की भर्ती की जा रही है.

इराक़ में इससे पहले भी पुलिस और सेना के भर्ती कार्यालयों को आत्मघाती हमलों का निशाना बनाया जाता रहा है.

अमरीकी सेना ने इसी महीने के अंत में वहाँ अपनी कार्रवाई बंद करने की घोषणा की है. हालांकि इसके बाद भी इराक़ में पचास हज़ार अमरीकी सैनिक एक साल तक वहाँ रहेंगे.

ये पचास हज़ार सैनिक वहाँ रहकर इराक़ी सेना की मदद करते रहेंगे.

हालांकि इराक़ के शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने अमरीकी सैनिकों की वापसी के समय पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि हो सकता है कि इराक़ी सेना अगले एक दशक तक नियंत्रण संभालने योग्य न हो.

चुनाव के पाँच महीनों बाद भी वहाँ राजनीतिक भविष्य अधर में दिख रहा है क्योंकि गठबंधन सरकार के गठन की कोशिशें सफल नहीं हो सकी हैं.

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