'लड़की की मौत के लिए इसराइल ज़िम्मेदार'

फ़ाइल फ़ोटो
Image caption इसराइली सुरक्षा बलों पर ज़रुरत से ज़्यादा बल प्रयोग करने के आरोप पहले भी लगे हैं

इसराइल में यरुशेलम की एक अदालत ने एक फ़लस्तीनी लड़की की मौत के लिए इसराइल को ज़िम्मेदार ठहराया है.

10 साल की आबीर आरामीन की जनवरी 2007 में मौत हो गई थी.

पश्चिमी तट के शहर अनाता में पत्थर फेंक रहे फ़लस्तीनी युवाओं और इसराइली सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष के दौरान आबीर के सिर में रबर बुलेट लगी थी जिससे आबीर की मृत्यु हुई थी.

आबीर अपनी बहन और दूसरी दो लड़कियों के साथ मिठाई की एक दुकान के पास थी तभी उसे रबर बुलेट लगी.

आबीर के परिवार वालों ने उसकी मौत के बाद अदालत का दरवाज़ा खटखटाया था.

आबीर के पिता शांति स्थापित करने के लिए प्रयासरत एक संस्था से जुड़े हैं.

इसराइल के हाई कोर्ट ने आपराधिक मामले के अंतर्गत सुनवाई करने से ये कहते हुए इंकार कर दिया था कि शायद आबीर की मौत फ़लस्तीनी युवाओं के ज़रिए फेंके गए पत्थर से चोट लगने से हुई होगी.

दीवानी अदालत का फ़ैसला

उसके बाद आबीर के पिता ने दीवानी अदालत में मुक़दमा दर्ज किया था.

दीवानी अदालत ने फ़ैसला सुनाते हुए कहा कि आबीर की मृत्यु को जायज़ नहीं ठहराया जा सकता.

न्यायाधीश ओरित इफ़ाल गबाई ने हाई कोर्ट के फ़ैसले को ख़ारिज करते हुए कहा कि ''इस बात पर बहस की कोई गुंजाइश नहीं की आबीर की मौत रबर बुलेट लगने से हुई थी. गोली चलाते समय सुरक्षा बलों ने यो तो लापरवाही बरती थी या फिर उन्होंने आदेश का उल्लंघन किया था.''

हारेट्ज़ अख़बार ने जज का हवाला देते हुए लिखा है कि आबीर अपने दोस्तों के साथ जिस गली से जा रही थी वहां पर कोई पत्थर फेंकने वाला नहीं था इसलिए सुरक्षा बलों को उस दिशा में गोली चलाने की कोई ज़रुरत नहीं थी.

अदालत ने सरकार को आदेश दिया है कि वो आबीर के परिवार वालों को मुआवज़ा दे.

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