रियो में ग्रामर हॉटलाइन

Image caption आठ विशेषज्ञ सवालों के जवाब देने की ड्यूटी पर होंगे

ब्राज़ील में रियो डि जेनेरो में लोगों की मदद के लिए ग्रामर हॉटलाइन की शुरूआत की गई है जिसका उद्देश्य व्यकारण की समस्या होने पर लोगों की मदद करना है.

व्याकरण, उच्चारण, वाक्य विन्यास जैसी समस्याओं का समाधान करने के लिए विशेषज्ञ टेलीफ़ोन पर मौजूद होंगे.

ब्राज़ील की आधिकारिक भाषा पुर्तगाली है और वहाँ के लोग अपने उच्चारण और व्याकरण को लेकर काफ़ी सजग हैं क्योंकि भाषा संबंधी ग़लतियाँ करने वाले लोगों को वहाँ अशिक्षित समझा जाता है.

रियो गजेट में इसकी औपचारिक घोषणा की गई है और बताया गया है कि आठ भाषाविद् सोमवार से शुक्रवार तक फ़ोन पर उपलब्ध होंगे.

रियो एसेंबली के एक वरिष्ठ सदस्य हारियो सूज़ा सांतोस का कहना है कि यह बहुत ही उपयोगी सेवा है.

सांतोस ने कहा, "यह हॉटलाइन पुर्तगाली भाषा के मामले में लोगों की भ्रांतियों को दूर करने का बहुत कारगर ज़रिया हो सकता है. काम हो या पढ़ाई, भाषा की सही जानकारी और समझ जीवन में बहुत आवश्यक है."

ब्राज़ील लंबे समय तक पुर्तगाल का उपनिवेश रहा है इसलिए वहाँ पुर्तगाली ही आधिकारिक भाषा है.

राष्ट्रपति लूला डि सिल्वा के कार्यकाल में भाषा और व्याकरण का मुद्दा काफ़ी ज़ोर पकड़ गया है क्योंकि राष्ट्रपति भी अक्सर व्याकरण संबंधी ग़लतियाँ करते रहे हैं.

कई लोगों का मानना है कि राष्ट्रपति की ग़लतियाँ शर्मनाक हैं जबकि एक तबक़ा ये भी मानता है कि लूला डि सिल्वा की पृष्ठभूमि को नहीं भूलना चाहिए कि वे किस तरह संघर्ष करके राष्ट्रपति बने हैं.

ब्राज़ील के मौजूदा राष्ट्रपति एक ग़रीब परिवार से आते हैं और दस वर्ष की उम्र तक उन्हें लिखना-पढ़ना सीखने का अवसर नहीं मिला था.

रियो में शुरू की गई सेवा हालाँकि अपने आप में पहली नहीं है, पिछले तीन दशकों से ब्राज़ील के एक अन्य शहर फोर्टालेज़ा में ऐसी सेवा चल रही है.

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