कूड़ेदान में बंद बिल्ली

बिल्ली
Image caption बिल्लियों पर अत्याचार के अन्य मामले भी सामने आए हैं

"मेरी बिल्ली ने किसी का क्या बिगाड़ा था...वह तो बहुत मासूम है. कोई इतना संगदिल कैसे हो सकता है". यह कहना है यूके के कॉवेंट्री इलाक़े में रहने वाले 26 वर्षीय डैरिल मान का.

उनकी चार साल की पालतू बिल्ली लोला घर से ग़ायब थी. रात भर घर नहीं लौटी. अगले दिन सुब्ह वह सड़क पर खड़ी अपनी कार में बैठने गए तो उन्हें लोला की धीमी सी म्याऊँ-म्याऊँ की आवाज़ सुनाई दी.

पहले उन्हें लगा कि लोला कार के नीचे है लेकिन ढूँढने पर वह मिली कूड़े के बंद डिब्बे में.

डैरिल हैरान रह गए. पहले उन्हें लगा कि बिल्ली ख़ुद ही किसी तरह वहाँ घुस गई लेकिन फिर उन्होंने सोचा कि उसने इतना भारी ढक्कन कैसे खोला होगा.

भयानक दृश्य

डैरिल ने सुरक्षा के लिए घर के बाहर लगाए सीसीटीवी कैमरे की मदद ली. कई घंटे की फ़ुटेज देखने के बाद उन्हें वह दृश्य देखने को मिल गया जिसकी उन्हें तलाश थी.

एक अधेड़ सी उम्र की महिला उनके घर के बाहर रुकी. लोला की पीठ सहलाई और फिर उसे गर्दन से पकड़ कर कूड़े के डिब्बे में फेंक दिया.

यानी डैरिल को मिलने से पहले बिल्ली पंद्रह घंटे से वहाँ क़ैद थी.

डैरिल मान ने तुरंत पुलिस को सूचित किया. पुलिस ने उस महिला को ढूँढ निकाला और जानवरों के कल्याण के लिए गठित संस्था आरएसपीसी को इत्तिला दे दी.

महिला के घर के बाहर मीडिया वाले मौजूद हैं और संस्था के अधिकारी उससे पूछताछ करने जा रहे हैं.

पुलिस का कहना है कि यह क़दम जानवरों पर अत्याचार के अपराध की श्रेणी में आता है.

डैरिल मान इस बात से ख़ुश हैं कि उनकी प्यारी बिल्ली सही-सलमात है लेकिन वह इस आघात से नहीं उबर पाएँगे कि पंद्रह घंटे वह किस सदमे से गुज़री होगी.

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