ज़ुल्म की शिकार नौकरानी का ऑपरेशन हुआ

आरियावाथी
Image caption डॉक्टरों का कहना है कि आरियावाथी सदमें में थीं और उसके लिए बैठ पाना भी मुश्किल था.

श्रीलंका की जिस नौकरानी के शरीर में कीलें ठोककर उसे प्रताड़ित किया गया था, उसके शरीर से ऑपरेशन के बाद 13 कीलें और पांच सूईयां निकाली गईं हैं.

49 साल की एलपी आरियावाथी सऊदी अरब में काम करती थीं और उन्होंने श्रीलंका पहुँचकर डॉक्टरों को बताया है कि वो जिस दम्पत्ति के लिए काम करतीं थीं, वो सज़ा के तौर पर उनके शरीर में कीलें ठोक देते थे.

श्रीलंका के कामबुरुपीतिया अस्पताल के निदेशक प्रबाथ गजादीरा का कहना है कि उन्हें अस्पताल इस शिकायत के साथ लाया गया था कि उनके मालिक ने उनके शरीर में कीलें ठोक दी थीं. उनके एक्सरे में 24 कीलें और सुइयां दिखी थीं.

डॉक्टरों का कहना है कि नौकरानी के शरीर में बाक़ी बची कीलों से फिलहाल कोई ख़तरा नहीं है. आरियावाथी के शरीर से निकाली गईं कीलें क़रीब दो ईंच लंबीं हैं.

तीन घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद डॉक्टर सथरासिंघे ने कहा, "ऑपरेशन कामयाब रहा है और अब आरियावाथी ठीक है."

सकते में नौकरानी

आरियावाथी तीन बच्चों की माँ हैं और इस साल मार्च में वो नौकरानी का काम करने सऊदी अरब गईं थीं.

पिछले हफ़्ते वो श्रीलंका पहुँची जहाँ उन्होंने डॉक्टरों को बताया कि किस तरह से उन्हें पिछले एक महीने से ज़्यादा लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा था.

कामबुरुपीतिया अस्पताल के डॉक्टर कमल वीराथुंगा ने बताया कि "जब हमने आरियावाथी की जाँच की तब हमें उसके पैर और हाथ से धातु के 24 टुकड़े मिले."

डॉक्टरों का कहना है कि जब आरियावाथी अस्पताल पहुँची तो वो सदमे में थीं.

श्रीलंका के क़रीब 18 लाख लोग विदेशों में काम करते हैं और इनमें से 70 प्रतिशत महिलाएं हैं.

इनमें से ज़्यादातर मध्यपूर्व में नौकरानियों के तौर पर काम करतीं हैं जबकि कुछ सिंगापुर और हॉन्ग कॉन्ग में कार्यरत हैं.

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