बाढ़ के बीच संयुक्त राष्ट्र की गुहार

बाढ़
Image caption संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक बाढ़ पीडि़तों के लिए अंदाज़े से ज़्यादा खाद्य सामग्री की ज़रूरत है

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि पाकिस्तान के बाढ़ पीड़ितों को दी जाने वाली अंतरराष्ट्रीय खाद्य सहायता में अभी भी नौ करोड़ डॉलर कम पड़ रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि अपीलों के बावजूद बाढ़ पीड़ितों के लिए सहायता मिलने में बहुत सुस्ती दिखाई जा रही है.

बाढ़ से अभी भी लगभग एक करोड़ 60 लाख लोग प्रभावित हैं.

इनमें से लगभग चालीस लाख ऐसे हैं, जिन्हें तुरंत मानवीय सहायता, ख़ास कर, भोजन दिए जाने की ज़रूरत है.

दक्षिणी सिंध प्रांत में बाढ़ का पानी लगातार बढ़ता ही जा रहा है और वहां से हज़ारों लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है.

लेकिन कई लोग अभी भी अपने घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं.

उन्हें ये डर है कि एक बार घर बार छोड़ने के बाद वे सदा के लिए बेघरबार हो जाएंगे.

भुखमरी का ख़तरा

अधिकारियों का कहना है कि इनमें से कुछ बाढ़ पीड़ित भुखमरी के कगार पर हैं.

खाने के पैकेटों और राहत सामग्री के लिए लोग छीना झपटी कर रहे हैं.

पाकिस्तान सरकार कह चुकी है कि खाद्य सामग्री की मांग अनुमान से कहीं ज़्यादा बढ़ चुकी है.

अधिकारियों ने आशंका ज़ाहिर की है कि जल्द से जल्द भोजन नहीं मिलने की स्थिति में हज़ारों लोग भुखमरी का शिकार हो सकते हैं.

पाकिस्तानी सेना और अतंर्राष्ट्रीय सहायता एजेंसियां इसी बीच विमानों से लोगों तक भोजन पहुंचा रही हैं.

सिंधु नदी के सैलाब में कई राजमार्ग टूट कर बह गए हैं इसीलिए सड़कों से मदद अभी अगले कुछ और हफ्तों तक नहीं पहुंचाई जा सकती.

लेकिन हक़ीक़त ये है कि सभी ज़रूरतमंदों तक मदद अभी भी नहीं पहुंच पा रही है.

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