राष्ट्रपति जूमा की मांग हड़ताल समाप्त हो

दक्षिण अफ़्रीका में पिछले दो सप्ताह से सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारी हड़ताल पर हैं

दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति जेकब ज़ूमा ने सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त करने के लिए अपने मंत्रियों से यूनियनों के साथ दोबारा बातचीत शुरु करने को कहा है.

कोई दस लाख कर्मचारी पिछले दो सप्ताह से हड़ताल पर हैं. इसमें अस्पतालों के कर्मचारियों से लेकर शिक्षक और अन्य सरकारी कर्मचारी शामिल हैं.

यही नहीं जल संसाधन और टायर बनाने वाले उद्योगों से जुड़े कर्मचारियों के भी इसमें शामिल होने की संभावना है.

सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारी 8.6 प्रतिशत वेतन वृद्धि की मांग कर रहे हैं जबकि सरकार सात प्रतिशत वेतन बढ़ाने को तैयार है.

इस हड़ताल के कारण स्कूल बंद पड़े हैं और अस्पतालों में सेना के चिकित्सा कर्मचारियों की मदद से काम चल रहा है.

दक्षिण अफ़्रीका के प्रमुख मज़ूदर संघ ने धमकी दी है कि अगर उनकी मांग न मानी गई तो बृहस्पतिवार को एक दिन की आम हड़ताल बुलाई जाएगी.

‘स्थिरता बहाल हो’

राष्ट्रपति जेकब ज़ूमा के प्रवक्ता ज़ीज़ी कोडवा ने कहा है कि सरकार को विश्वास है कि कुछ ही दिनों के अंदर हड़ताल ख़त्म हो जाएगी.

हमें इस बात की चिंता है कि स्थिति बहुत बिगड़ गई है इसलिए जितनी जल्दी हो सके इस हड़ताल को समाप्त करने की ज़रूरत है जिससे देश में स्थिरता बहाल की जा सके.

ज़ीज़ी कोडवा, राष्ट्रपति जेकब ज़ूमा के प्रवक्ता

उन्होने कहा, “हमें इस बात की चिंता है कि स्थिति बहुत बिगड़ गई है इसलिए जितनी जल्दी हो सके इस हड़ताल को समाप्त करने की ज़रूरत है जिससे देश में स्थिरता बहाल की जा सके”.

कोई दस लाख सरकारी कर्मचारी हड़ताल पर हैं लेकिन उनकी यूनियन ‘कोसाटू’ की सदस्य संख्या इससे दोगुनी है.

हड़ताली कर्मचारियों ने राष्ट्रपति जेकब ज़ूमा की कटु आलोचना की है क्योंकि वो ऐसे समय व्यापार मिशन पर चीन चले गए जब नर्सें, शिक्षक और अन्य सरकारी कर्मचारी वेतन वृद्धि के लिए हड़ताल पर हैं.

सरकार का कहना है कि वह मुद्रास्फीति की दर से दोगुनी वेतन वृद्धि नहीं दे सकती. लेकिन राष्ट्रपति ज़ूमा यूनियनों के साथ संबंध बिगाड़ना नहीं चाहते.

क्योंकि ये मज़दूर संगठन ही उनकी सत्ता मुख्य आधार हैं और वो चाहेंगे कि जब तीन सप्ताह बाद उनकी सत्ताधारी अफ़्रीकी नेशनल कॉंग्रेस पार्टी का सम्मेलन हो तो वो उनके साथ हों.

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