'पीछे छूट जाएँगे अमरीका, जापान...'

इंटरनेट उपभोक्ता

भारत में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वालों की संख्या 2015 में मौजूदा 8.1 करोड़ बढ़कर 23.7 करोड़ हो जाएगी और इसका बाज़ार और कंपनियों की रणनीति पर व्यापक असर होगा.

एक अमरीकी संस्था 'बोस्टन कंस्लटिंग ग्रूप' ने 'इंटरनेट्स न्यू बिलियन' नाम से जारी एक रिपोर्ट में इस विषय पर विस्तृत जानकारी जुटाई है और इसमें ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और इंडोनेशिया (ब्रिक-आई) के बाज़ार की चर्चा की है.

अध्ययन से पता चला है कि 2015 तक ब्रीज़ील, रूस, भारत, चीन और इंडोनेशिया (ब्रिक-आई) में इंटरनेट का प्रयोग करने वाले लोगों की संख्या 1.2 अरब होगी जो अमरीका और जापान में इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या का तीन गुना होगा. रिपोर्ट के मुताबिक़ 2009 में तक इन देशों में क़रीब 61 करोड़ लोग इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे थे.

ब्रिकआई देशों में अभी एक अरब 80 करोड़ मोबाइल फ़ोन उपभोक्ता हैं. यह संख्या अमरीका और जापान के मोबाइल फ़ोन उपभोक्ताओं की संख्या से चार गुना अधिक है.

युवा उपभोक्ता, बाज़ार पर असर

इस रिपोर्ट के सह लेखक डेविड मिशेल कहते हैं, ''इंटरनेट ने पहले से ही हमारे उपभोग के तरीके को बदला है. हम जो पैटर्न देख रहे हैं वह अमरीका और जापान से काफ़ी अलग है. जो कंपनियां उभरते बाज़ारों में उपभोक्ताओं तक पहुँचने के लिए पूरी तरह परंपरागत माध्यमों पर भरोसा कर रही हैं, उन्हें समझ लेना चाहिए कि ज़ोर डिजिटल मीडिया पर होगा."

रिपोर्ट में कहा गया, " जो कंपनियाँ विकासशील देशों के बाज़ारों में दाख़िल होने की रणनीतियाँ बना रही हैं, उन्हें इन बाज़ारों की तेज़ विकास दर को देखते हुए जल्दी से कार्रवाई करनी होगी. नहीं तो वे नए उपभोक्ताओं से जुड़ने और उनके साथ बढ़ने का ये अवसर अगले कई दशकों के लिए गँवा बैठेंगे."

जहाँ तक पहुँच का सवाल है - भारत में आजकल इंटरनेट की पहुँच लगभग सात प्रतिशत है जो बढ़कर 2015 में 19 प्रतिशत हो जाएगी.

भारत को 'कम परिपक्व और तेज़ी से बढ़ता बाज़ार' बताया गया है. भारत में इंटरनेट के सबस अधिक उपभोक्ता बड़े शहरों में रहते हैं. इनमें से बहुत से लोग छोटे शहरों से वहाँ गए हैं.

इस संस्था का कहना है कि इन देशों में 2015 तक इंटरनेट के उपभोक्ताओं के वृद्धि की मिश्रित दर नौ से 20 फ़ीसदी तक होगी. इसमें युवाओं की संख्या अधिक होगी जो कि एक ऐसी व्यवस्था विकसित करेंगे जिसका इस्तेमाल आने वाली पीढियाँ करेंगी.

इन देशों में इंटरनेट के उपभोक्ताओं में 60 फ़ीसद लोग ऐसे हैं जिनकी उम्र 35 साल तक है.

बढ़ेंगी कंप्यूटरों की संख्या

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इंटरनेट का एक भारतीय उपभोक्तता रोज़ औसतन आधे घंटे तक इंटरनेट का इस्तेमाल करता है. ब्रिक-आई देशों में यह सबसे कम औसत है. इस औसत के 2015 तक बढ़कर 42 मिनट हो जाने का अनुमान लगाया गया है.

ब्रिकआई देशों में अभी 44 करोड़ कंप्यूटर सेट हैं जिनके 2015 तक बढ़कर दो गुना से भी अधिक हो जाने की उम्मीद है.

इंटरनेट के उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ाने में इंटरनेट कैफ़े और मोबाइल हैंडसेट भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे.