अब कोड़े की सज़ा और

सकीना मोहम्मदी अश्तियानी
Image caption सकीना फ़िलहाल ईरान की एक जेल में हैं

ईरान की उस महिला सकीना मोहम्मदी अश्तियानी को जिसे पत्थर मार-मारकर मौत दिए जाने की सज़ा सुनाई गई थी, अब उस पर 'बेहयाई' या निर्लज्जता के आरोप में कोड़े मारने की सज़ा सुनाई गई है.

'टाइम्स' अख़बार में एक महिला की तस्वीर छपी जिसका सिर ढका हुआ नहीं था और जिसके बारे में कहा गया था कि वो तस्वीर सकीना की है.

इसके बाद ईरान के अधिकारियों ने सकीना को 99 कोड़े मारे जाने की सज़ा सुनाई है.

अख़बार ने बाद में अपनी ख़बर का सुधार छापा और लिखा कि वो तस्वीर किसी दूसरी ईरानी महिला की थी.

सकीना के पत्थर मार-मारकर मौत की सज़ा सुनाए जाने के बाद इसके ख़िलाफ़ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध हुआ था. इसके बाद जुलाई में अधिकारियों ने इस सज़ा को अस्थाई रुप से टाल दिया था.

हालांकि यह आशंका अभी भी जताई जा रही है कि सकीना को फांसी देकर इस सज़ा पर अभी भी अमल किया जा सकता है.

महिला पर आरोप

Image caption पत्थर मारकर मौत दिए जाने की सज़ा का मानवाधिकार संगठनों ने ख़ूब विरोध किया

43 साल की सकीना मोहम्मदी अश्तियानी दो बच्चों की माँ हैं.

इस महिला पर पहले से आरोप है कि उसने अपने पति को धोखा दिया और फिर उसे मरवाने में सहयोग किया.

इन अपराधों के लिए उसे पत्थरों से मारकर मौत देने की सज़ा सुनाई गई थी.

इसी वर्ष जुलाई में इस सज़ा के ख़िलाफ़ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुए जिसके परिणामस्वरूप ईरान के अधिकारियों ने तात्कालिक तौर पर इस सज़ा को अंजाम दिए जाने पर रोक लगा दी.

सकीना को अपना समर्थन देने की वजह से फ़्रांस के राष्ट्रपति निकोला सारकोज़ी की पत्नी कार्ला ब्रुनी को ईरान के सरकारी अख़बार केहान ने 'वेश्या' क़रार दिया था और उन पर पाखंडी होने का आरोप लगाया था.

सकीना के बेटे ने ऐसे कई इंटरव्यू दिए हैं जिसमें उसने कहा है कि 99 कोड़ों की इस नई सज़ा का पता उसे उन लोगों से चला जो उस जेल से छूटकर आए हैं जहाँ उसकी माँ क़ैद हैं.

अश्तियानी के बेटे ग़दरज़ादेह ने कहा, "ईरान के अधिकारी हमारी माँ पर अत्याचार और बढ़ाने के उद्देश्य से ये नए आरोप लगा रहे हैं."

ग़दरज़ादेह ने एक खुली चिट्ठी लिखकर अपनी माँ पर लगाए गए आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि इस सज़ा के ख़िलाफ़ उनका परिवार अपील करेगा.

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