सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाने का विरोध

फ़्रांस में हड़ताल
Image caption सार्कोज़ी का कहना है कि पेंशन सुधार की कार्रवाई ज़रूरी है

फ़्रांस में रिटायरमेंट यानी सेवानिवृत्ति की उम्र 60 साल से बढ़ाकर 62 साल करने की सरकार की योजना का कामगार विरोध कर रहे हैं और मंगलवार को देशव्यापी हड़ताल पर हैं.

मंगलवार को पेंशन सुधार बिल को संसद में पेश किया जाना है, जिसमें इस तरह के प्रावधान किए गए हैं.

देशव्यापी 24 घंटे की इस हड़ताल और विरोध प्रदर्शन से यातायात, बैंक, हवाई सेवा और डाक सेवा प्रभावित हुई है.

फ़्रांस के राष्ट्रपति निकोला सार्कोज़ी का कहना है कि उम्रदराज़ लोगों की बढ़ती संख्या की समस्या से निपटने के लिए पेंशन योजना में सुधार करना जरूरी है.

उधर मजदूर संघ का कहना है कि सरकारी निर्णय के ख़िलाफ़ निजी और सरकारी क्षेत्र के हज़ारों कामगार सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करने उतरेंगे.

वर्तमान में फ़्रांस में स्त्री और पुरुष दोनों 60 वर्ष की उम्र में सेवानिवृत्त हो सकते हैं, बशर्ते कि उन्होंने 40.5 वर्षों तक सामाजिक सुरक्षा कोष में अपना योगदान दिया हो. हालांकि इस व्यवस्था के तहत उन्हें 65 वर्ष होने तक पूरा पेंशन नहीं दिया जाता.

नौकरी में कटौती

सरकार की नई योजना के मुताबिक सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा बढ़ा कर 62 वर्ष कर दी जाएगी, साथ ही पेंशन की उम्र को 67 तक के लिए बढ़ा दिया जाएगा.

बीबीसी के संवाददाता क्रिसश्चियन फ़्रेज़र का कहना है, "यूरोपीय देशों में सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा को देखते हुए यह सीमा कम ही है, लेकिन फ़्रांस में निजी जीवन को लेकर लोग जिस तरह से संवेदनशील हैं उसे देखते हुए यह बढ़ोतरी ज़्यादा दिखती है."

फ़्रांस के राष्ट्रपति सार्क्रोज़ी संसद में इस बिल को पास करवाने के लिए बेहद आशावादी हैं.

अगले तीन वर्षों में फ़्रांस के सरकारी बजट में सौ अरब डॉलर से ज्यादा की कटौती की योजना है, जिस वजह से सरकारी क्षेत्र में हज़ारों नौकरियाँ ख़त्म होने की आशंका व्यक्त की जा रही है.

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