कप्तान को 'बिना शर्त' रिहा करे जापान

झान किजियांग
Image caption जापान ने कहा है कि चीन के नाविक झान किजियांग पर वह मुक़दमा चला सकता है

चीन ने जापान से कहा है कि वो मछली पकड़ने वाली नाव के कप्तान और चालक दल के सदस्यों को बिना शर्त रिहा करे.

जापान ने चीन की इस नाव को दोनों देशों के बीच मौजूद 'विवादित जल क्षेत्र' से ज़ब्त कर लिया था.

चीन के विदेश मंत्री ने बीजिंग में जापान के राजदूत को बुलाकर तीसरी बार औपचारिक तौर से अपना विरोध दर्ज कराया.

चीन के विदेश मंत्री यांग जियेची ने जापान के राजदूत से कहा, "चीन सरकार दिओयू द्वीपों की संप्रभुता की सुरक्षा के लिए दृढ़प्रतिज्ञ है."

ग़ौरतलब है कि इस हफ़्ते मंगलवार को चीन की एक मछली पकड़ने वाली नाव, जापान की निगरानी रखने वाली नाव से टकरा गई थी.

चीन बनाम जापान

यह इलाक़ा वीरान द्वीप समूहों के करीब है और इस इलाक़े पर चीन और जापान दोनों ही अपना दावा करते हैं.

जापान में इन द्वीपों को सेंकाकू और चीन में दिओयू के नाम से पुकारा जाता है. इस इलाक़े पर जापान का नियंत्रण है लेकिन चीन और ताइवान दोनों ही इस पर अपना दावा करते हैं.

हाल के वर्षों में चीन के कार्यकर्ता चीन के दावे के मुताबिक कई बार यहां जा चुके हैं.

जापान को संदेह है कि चीन का जहाज जानबूझकर जापान की नावों से टकराया. जापान के अधिकारी इस बात पर विचार कर रहे हैं कि क्या इस जहाज के कप्तान पर जुर्माना लगाया जाय.

इस घटना में किसी को भी चोट नहीं आई लेकिन जापान के जहाज मामूली रूप से क्षति ग्रस्त हो गए.

चीन ने जापान तो चेतावनी दी है कि अगर इस मामले को सुलझाया नहीं गया तो इसके गंभीर नतीज़े भुगतने पड़ सकते हैं.

जानकारों का मानना है कि दूसरे देशों के सामने अपनी मांगे और अपनी बात रखने को लेकर चीन की मज़बूत छवि उभर रही है.

हाल की घटना से जापान-चीन संबंधों में कुछ खास बाधा नहीं आएगी, लेकिन समुद्री इलाक़ों में चीन की बढ़ती महत्वाकांक्षा से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ सकता हैं.

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