यौन शोषण पर पोप ने दुख जताया

लंदन की प्रार्थना सभा में पोप बेनेडिक्ट सोलहवें

पोप बेनेडिक्ट सोलहवें ने कैथोलिक पादरियों के हाथों बच्चों के यौन शोषण के 'अवर्णनीय अपराध' पर शर्मिंदगी और दुख का इज़हार किया किया है.

पिछले कई दशकों के दौरान अलग-अलग देशों में कैथोलिक चर्च में हुए यौन शोषण कांडों पर वैटिकन की ओर से ये सबसे स्पष्ट और खुली माफ़ी है.

पोप अपनी चार दिवसीय राजकीय यात्रा पर ब्रिटेन में हैं.

लंदन प्रवास के दौरान पोप विगत में पादरियों के हाथों यौन शोषण का शिकार बने पाँच लोगों से मिले.

वैटिकन सूत्रों के अनुसार आधे घंटे की मुलाक़ात के दौरान पोप ने उनके साथ हुए दुर्व्यवहार पर गहरे दुख और शर्मिंदगी का इज़हार किया.

सूत्रों के अनुसार उन्होंने पीड़ितों के साथ प्रार्थना भी की.

अथाह पीड़ा

पोप ने लंदन के वेस्टमिंस्टर गिरजाघर में आयोजित सामूहिक प्रार्थना के दौरान भी चर्च पदाधिकारियों के हाथों बच्चों के यौन शोषण के मामलों का उल्लेख किया.

कैथोलिक चर्च के सैंकड़ो वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति में पोप ने कहा कि 'इन पापों' के चलते कैथोलिकों को अपमान और शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है.

उन्होंने भुक्तभोगियों के संबल और उनके जीवन में शांति के लिए प्रार्थना भी की.

कैथोलिक चर्च के पदाधिकारियों के हाथों यौन दुर्व्यवहार का शिकार बने लोगों के एक संगठन सर्वाइवर्स नेटवर्क के प्रतिनिधि पीटर आइज़लि पोप के दुख व्यक्त करने भर को नाकाफ़ी बताते हैं.

उन्होंने कहा, "हमें अपराधों को लेकर दुखी होने वाला पोप नहीं चाहिए. हमें अपराधों को नहीं होने देने वाला पोप चाहिए. पोप की बातों से अपराध नहीं रुकेंगे."

बाल यौन शोषण का शिकार बने लोगों के एक अन्य संगठन नेशनल एसोसिएशन फ़ॉर पीपुल एब्यूज़्ड इन चाइल्डहुड ने पोप से पीड़ितों की सहायता लिए एक कोष गठित करने और यौन शोषण के मामलों की जाँच वाली वैटिकन की फ़ाइलों को सामने लाने की माँग की है.

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