ओबामा प्रशासन में आपसी मतभेद

सैनिकों के बीच ओबामा
Image caption ये किताब ओबामा और अमरीकी प्रशासन के आंतरिक मतभेदों की झलक देती है.

अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान में अमरीका का प्रतिनिधित्व कर रहे विशिष्ट दूत का मानना है कि इन देशों को लेकर अमरीका की रणनीति काम नहीं करेगी.

अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान जैसे देशों को लेकर राष्ट्रपति ओबामा और उनके सलाहकारों के बीच मतभेद की ये बात अमरीका के अनुभवी पत्रकार बॉब वुडवर्ड की किताब में सामने आई है.

ये किताब अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान जैसे देशों को लेकर ओबामा की रणनीति पर उनके प्रशासन में शामिल महत्वपूर्ण लोगों की राय पर आधारित है.

वुडवर्ड के अनुसार राष्ट्रपति ओबामा के कुछ महत्वपूर्ण सहयोगी अफ़ग़ानिस्तान में अतिरिक्त 30 हज़ार सैनिक भेजे जाने और अगली गर्मियों तक वहां से सेना को हटाए जाने की रणनीति को ठीक नहीं मानते.

जानकारों का कहना है कि ये किताब अमरीकी प्रशासन के आंतरिक मतभेदों और झगड़ों की झलक देती है.

ग़ौरतलब है कि बॉब वुडवर्ड ने अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन से जुड़े चर्चित 'वॉटरगेट कांड' का पर्दाफ़ाश किया था.

‘ओबामाज़ वॉर’

वुडवर्ड ने पहले भी बराक ओबामा और इराक़ युद्ध को लेकर किताबें लिखी हैं. उनकी आने वाली किताब ‘ओबामाज़ वॉर’ कई दिनों से चर्चा में है.

किताब में अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान में अमरीका के विशेष दूत रिचर्ड हॉलब्रूक के हवाले से उन्होंने लिखा कि ओबामा की ''ये रणनीति काम नहीं करेगी.''

अफ़ग़ानिस्तान मामलों पर राष्ट्रपति के मुख्य सलाहकार के हवाले से वुडवर्ड ने लिखा है कि "कई महीने लगाकर की गई अमरीकी नीतियों की समीक्षा से भी इन फैसलों पर कोई असर नहीं हुआ.''

किताब के अनुसार अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए के 3,000 से ज़्यादा सैनिक ख़ुफ़िया तौर पर काम कर रहे हैं. उनसे मिली जानकारी के अनुसार अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई को लेकर अफ़ग़ानी नागरिकों में भारी निराशा और उदासीनता है.

वुडवर्ड की ये किताब अफ़ग़ानिस्तान में सेना वापसी को लेकर ओबामा और अमरीकी सेना के बीच मतभेदों की बात करती है.

ओबामा के हवाले से इस किताब में कहा गया है कि वो सेना और सुरक्षा सलाहकारों को खुश करने के लिए ''पूरी डेमोक्रैटिक पार्टी को नाराज़ नहीं कर सकते.''

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