सज़ा के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन

डॉक्टर आफ़िया सिद्दीक़ी
Image caption आफ़िया के समर्थन में पाकिस्तान की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं

अमरीका में गिरफ़्तार पाकिस्तानी वैज्ञानिक डॉक्टर आफ़िया सिद्दीक़ी को अमरीकी अदालत की ओर से सज़ा दिए जाने के ख़िलाफ देश भर में विरोध प्रदर्शन हुए हैं.

दूसरी ओर, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने संसद में कहा कि उन्होंने "अमरीका से कई बार कहा है कि वह पाकिस्तान में अपनी छवि बेहतर बनाने के लिए उन्हें रिहा कर दे".

उन्होंने कहा कि "राष्ट्रीय हित को देखते हुए उनको रिहा कराने के लिए कोशिश की जा रही हैं और इस संबंध में गृह मंत्रालय के आदेश दिया गया है".

कराची, लाहौर, इस्मालाबाद और देश के विभिन्न शहरों में धार्मिक गुट जमाते इस्लामी के कार्यकर्ता शुक्रवार की नमाज़ के बाद सड़कों पर निकले और डॉक्टर आफिया की रिहाई की माँग की.

जमाते इस्लामी एकमात्र गुट है जो डॉक्टर आफिया सिद्दीक़ी की रिहाई की माँग कर रही है और सरकार पर दबाव डाल रही है कि उनको अमरीका से पाकिस्तान लाया जाए.

कराची में प्रदर्शनकारियों ने शहर के मुख्य मार्ग पर धरना दिया और उसे यातायात के लिए बंद कर दिया.

प्रदर्शनकारियों ने कराची में स्थित अमरीकी दूतावास जाने के कोशिश की लेकिन पुलिस उन्हें वहाँ जाने के रोक दिया और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग भी किया.

लाठीचार्ज के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी के घायल होने की भी समाचार हैं.

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया और अमरीकी और पाकिस्तानी सरकार के ख़िलाफ़ नारे लगाए.

लाहौर में भी जमाते इस्लामी की ओर से एक रैली निकाली गई और प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर और प्लेकार्ड उठाकर अमरीकी न्यायिक प्रक्रिया की आलोचना की.

कड़ी सज़ा

अमरीका में डॉक्टर आफ़िया सिद्दीक़ी को अमरीकी सैनिकों को मारने के प्रयास करने के जुर्म में 86 साल क़ैद की सज़ा सुनाई गई है.

आफ़िया को अमरीकी अधिकारियों ने उस समय हिरासत में लिया था जब उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान में "अमरीकी मुर्दाबाद" कहते हुए एक बंदूक़ से गोली चलाई थी.

अमरीका में अभियोजन पक्ष ने आफ़िया सिद्दीक़ी को अल-क़ायदा का हमदर्द क़रार दिया था और उनको उम्रक़ैद दिए जाने की मांग की थी.

इस साल फ़रवरी में जब उन्हें दोषी क़रार दिया गया था तब पाकिस्तान के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए थे.

आफ़िया के वकील का कहना था कि वो दिमाग़ी तौर पर अस्वस्थ्य हैं.

उन्होंने अमरीका के सम्मानित संस्थान मैसेच्युसेट्स इंस्टीच्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी से पढ़ाई की थी.

संबंधित समाचार