दादी माँ को दे दी गई मौत की सज़ा

Image caption टेरेसा लेविस पर अपने पति और सौतेले बेटे की हत्या करवाने का आरोप था

अमरीका में एक 41 वर्षीय महिला को मौत की सज़ा दे दी गई है. उनके नाती पोते हैं.

बचाव पक्ष के वकील का कहना है कि उनकी दिमागी हालत ठीक नहीं थी.

अमरीकी राज्य वर्जीनिया में टेरेसा लेविस को इंजेक्शन लगाकर मौत की सज़ा दे दी गई.

लेविस पर भाड़े के दो लोगों की मदद से अपने पति और सौतेले बेटे की हत्या करवाने का आरोप था.

उन पर आरोप था कि उन्होंने अपने घर का दरवाज़ा हत्यारों के लिए खुला छोड़ दिया था.

लेविस पर आरोप लगा था कि 2002 में सेक्स और धन की मदद से हत्यारों को हत्या के लिए प्रेरित किया.

लेविस के बारे में कहा गया कि वो अपने पति की संपत्ति हथियाना चाहती थीं और अपने सौतेले बेटे की मौत से हासिल होनेवाले बीमे की राशि पर भी उनकी नज़र थी.

अमरीका में पाँच वर्ष बाद और वर्जीनिया राज्य में 1912 के बाद किसी महिला को फांसी दी गई है.

अमरीकी सुप्रीम कोर्ट और वर्जीनिया के गवर्नर ने उनकी मौत की सज़ा पर रोक से इनकार कर दिया था.

अंतिम भोजन

लेविस ने अपनी ज़िंदगी के अंतिम क्षण अपने आध्यात्मिक गुरु और परिवार के सदस्यों के साथ बिताए.

जेल के प्रवक्ता लैरी टेलर ने बताया कि उन्होंने अपने अंतिम भोजन में भुना हुआ मु्र्गा, मटर और जर्मन केक और डॉक्टर पेपर साफ्ट ड्रिंक देने को कहा था.

समाचार एजेंसी एपी का कहना है कि जब उन्हें 'डेथ चैंबर' में ले जाया जा रहा था तो वो रुआंसी थीं.

मौत की सज़ा से पहले लेविस ने अपने सौतेली बेटी कैथी क्लिफ़्टन के बारे में पूछा और कहा,'' मैं कैथी को ये बताना चाहती हूँ कि मैं उससे बेहद प्यार करती हूँ और मुझे बहुत खेद है.'' ये उनके आख़िरी शब्द थे.

लेविस की सुनवाई नौ जजों की बेंच ने की थी जिसमें तीन महिलाएं भी थीं और उनमें से दो ने मौत की सज़ा रोकने के पक्ष में वोट दिया था.

लेविस के बारे में उनके वकील ने कहा था कि उन्हें लिखने-पढ़ने और चीजों को समझने में मुश्किलें आती थी.

लेकिन वर्जीनिया के गवर्नर रॉबर्ट मैकडॉनेल का कहना था कि लेविस ने अपना गुनाह कबूल किया था और किसी डॉक्टर या मनोचिकित्सक ने उन्हें दिमागी तौर पर असंतुलित या कमज़ोर नहीं पाया था.

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