नेटो अभियान में 50 चरमपंथियों की मौत

अफ़ग़ानिस्तान स्थित नेटो सैनिकों ने एक सैन्य अभियान में पाकिस्तान में घुसकर कम से कम 50 चरमपंथियों को मार दिया है.

अमूमन अमरीकी सैनिक पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान बॉर्डर पर मानव रहित विमान यानि ड्रोन से हमले करते हैं लेकिन इस बार नेटो ने स्वीकार किया है कि उन्होंने हेलीकॉप्टरों से हमला कर चरमपंथियों को मारा है. इस लिहाज से ये एक असामान्य कार्रवाई कही जा सकती है.

कहा गया है कि इन चरमपंथियों ने नेटो सेना के दो हेलिकॉप्टरों पर अफ़ग़ानिस्तान के शहर खोस्त के क़रीब हमला किया था जिसके बाद सैनिकों ने इनका पीछा किया और पाकिस्तान की सीमा के भीतर घुसकर उन्हें मार दिया.

हत्या का आरोप

इसी बीच ख़बर है कि ऑस्ट्रेलिया की एक सैन्य संस्था ने वहां के तीन पूर्व सैनिकों पर हत्या, ख़तरनाक बर्ताव और पूर्वग्रसित मानसिकता के साथ काम करने का आरोप लगाया है.

ये आरोप अफगानिस्तान में एक अभियान से सबंधित है जिसमें छह आम नागरिक मारे गए थे और चार घायल हो गए थे. ये तीनों सैनिक एक टुकड़ी का हिस्सा थे जिसने उरुज़गान के एक रिहाइशी इलाक़े पर रात के समय धावा बोला था.

सेना को शक था कि वहां तालिबान के एक नेता छिपे हैं. इस हमले में छह नागरिक मारे गए थे जिसमें पांच बच्चे थे जबकि दो व्यस्क और दो बच्चे घायल हो गए थे. ऐसा आरोप है कि सेना के विशेष दस्ते के इन सैनिकों ने ग़लत घर पर हमला बोल दिया था.

हमले के दूसरे दिन जारी एक बयान में ऑस्ट्रेलिया के रक्षा विभाग ने कहा था कि नागरिकों की मौत उस इलाके़ को ख़ाली करवाने के दौरान हुई जिसके लिए सैनिकों को बंदूकों और हथगोलों का इस्तेमाल करना पड़ा था.

बयान में ये भी दावा किया गया था कि तालिबान लड़ाकों ने छापों के दौरान सैनिकों पर गोलियां चलाईं थीं और सैनिकों ने इस गोलीबार के बाद जवाबी कार्रवाई की थी.

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